फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन

Sat, 09 Jul 2016 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
सीओ को ज्ञापन देते राजपूताना क्लब के कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पिछले दिनों बौद्ध सम्मेलन में हिंदू देवी-देवताओं पर की गई टिप्पणी के विरोध में शनिवार को राजपूताना क्लब के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों ने प्रदर्शन किया। ठड़ेश्वरी मंदिर से मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। इसके बाद गिरफ्तारियां देने के लिए थाने का घेराव किया। सीओ और एसडीएम को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। बीते दिनों माधौगढ़ के भगवानपुरा गांव में बौद्ध सम्मेलन के दौरान देवी-देवताओं पर टिप्पणी से
विज्ञापन


संबंधित एक आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव, बाजार बंदी के साथ ही रास्ता जाम किया था। पुलिस ने आनन-फानन में कुछ आरोपियों को जेल भेजा था। साथ ही प्रदर्शन करने वाले पक्ष पर भी मुकदमे दर्ज कर लिए थे। इसी मामले को लेकर शनिवार को राजपूताना क्लब के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। सुबह दस बजे माधौगढ़ के ठड़ेश्वरी

मंदिर पर करीब 300 लोग इकट्ठे हो गए। करीब 12 बजे मंदिर से शुरू हुआ जुलूस मुख्य बाजार में घूमते हुए थाने पहुंचा। यहां पर भीड़ ने थाने का घेराव कर लिया और गिरफ्तारी देने की बात कहने लगे। सीओ महेंद्र पाल व एसडीएम सुरेश कुमार सोनी ने भीड़ से गिरफ्तारियां न देने का अनुरोध किया और उनकी हर मांग में पूरा सहयोग करने की बात कही। इस पर राजपूताना क्लब के संस्थापक शिवेंद्र तोमर
विज्ञापन


केटी के नेतृत्व में चार सूत्री मांग पत्र सीओ व एसडीएम को सौंपा गया। कहा कि दो दिन में आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी न होने पर फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर दूधाधारी महाराज, शिवेंद्र तोमर केटी, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर, जगदीश सिंह भगवानपुरा, मुन्ना सिंह, विक्रम भदौरिया, जन्मेजय सिंह, बलवीर जादौन, वीपी सिंह प्रधान, संदीप जाखड़, तेज बहादुर सिंह, केके ठाकुर आदि मौजूद रहे।


यह हैं प्रमुख मांगें
राजपूताना क्लब ने अधिकारियों को दिए मांग पत्र में मांग की है कि टिप्पणी करने का आरोपी शिक्षक रामऔतार दोहरे की गिरफ्तारी दो दिन में की जाए। भगवानपुरा निवासी ठाकुर समाज के लोगों व राजपूताना क्लब के सदस्याें पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं। टिप्पणी के आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई की जाए।


आधा दर्जन थानों की फोर्स ने संभाला मोर्चा
मामला एक संप्रदाय की भावनाओं से जुड़ा होने के कारण प्रशासन ने इस आंदोलन को बड़ी गंभीरता से लिया। यही कारण रहा कि शनिवार की सुबह से ही माधौगढ़ के अलावा कुठौंद, रामपुरा समेत करीब आधा दर्जन थानों की फोर्स व पीएसी ने मोर्चा संभाल लिया था और आंदोलनकारियों की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखे रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें