उरई। फर्जी आधार बनाकर बैनामा कराने के मामले की जांच में एसआईटी टीम को कई सुराग मिले हैं। सूत्रों की मानें तो फर्जी आधार बनाने में एक ऑपरेटर को बचाने की बात सामने आ रही है। वृद्धा की जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन करने वाले चिकित्साधिकरी और रजिस्ट्रार से भी एसआईटी पूछताछ कर सकती है।
बता दें कि 28 अगस्त 2023 को कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छौंक में विद्यावती का फर्जी आधार बनाकर हाईवे के किनारे की जमीन का बैनामा कराके दो करोड़ 17 लाख रुपये की ठगी की गई थी। उस समय मामले में पुलिस ने 26 लोगों पर कार्रवाई की थी। 23 सितंबर को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की पुलिस ने 34,000 फर्जी आधार बनाने में जालौन के बापू साहब निवासी धर्मेंद्र सक्सेना को कोलकाता से गिरफ्तार किया। इसके बाद यह मामला फिर खुल गया है।
कालपी में फर्जी आधार कार्ड से जमीन का बैनामा कराने के मामले में भी धर्मेंद्र की संलिप्तता सामने आई है। जांच में सामने आया कि महिला का फर्जी आधार बनाने में धर्मेंद्र सक्सेना की फर्म के कुछ लोग शामिल थे। साथ ही धर्मेंद्र का भी नाम जोड़ा जा रहा था। इस पर एसपी ने शनिवार को एसआईटी गठित कर दी। टीम धर्मेंद्र की आधार बनाने वाली ब्लैक लिस्टेड कंपनी की जांच करेगी। एसआईअी बैनामा के समय आधार का सत्यापन करने वाले चिकित्साधिकारी व रजिस्ट्रार से भी पूछताछ कर सकती है। इससे और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। घटना के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें पुलिस गिरफ्त में आरोपी एक व्यक्ति को पांच लाख रुपये देने की बात कह रहा था। पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है। लोगों का कहना है कि टीम सही से जांच करेगी तो कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
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कोतवाल समेत दो पर हो चुकी कार्रवाई
बैनामा कांड में उस समय जांच में हीलाहवाली करने में तत्कालीन काल्पी कोतवाल परमहंस तिवारी व निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। तत्कालीन सीओ देवेंद्र पचौरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीआईजी को पत्र भेजा गया है। रविवार को टीम ने अब तक हुई जांच के सभी कागजात कब्जे में ले लिए हैं।
कालपी में हुए बैनामा प्रकरण की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी गई है। जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। जो रिपोर्ट मिलेगी उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. दुर्गेश कुमार, एसपी जालौन
पत्नी बोली, साजिश के तहत फंसाया जा रहा पति को
जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बापू साहब निवासी धर्मेंद्र सक्सेना जिले व अंडमान निकोबार में आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी गायत्री का कहना है कि उनके पति को गलत तरीके से फंसाया गया है। पति के बीमार होने पर फ्रेंचाइची संचालन की पावर ऑफ अटर्नी साहिल को दी गई थी। इस पूरे मामले की पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी को सही जांच कराकर न्याय दिलाना चाहिए।