राष्ट्रीय पुरस्कारों के साथ निदेशक पंचायती राज किंजल सिंह, उप निदेशक प्रवीना चौधरी व अमित इतिहा?
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उरई। देश में ढाई लाख से भी ज्यादा गांव हैं लेकिन समर्पित होकर कार्य करने से ग्राम प्रधान के रूप में भी राष्ट्रीय ख्याति अर्जित की जा सकती है। इसका उदाहरण कदौरा ब्लाक के अकबरपुर इटौरा के ग्राम प्रधान अमित इतिहास हैं। उन्होंने एक साथ तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। वह पहले भी दो राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।
पंचायतों को जवाबदेही संस्था के रूप में विकसित किए जाने व पंचायती राज संस्थाओं को नियमानुसार संचालित किए जाने के लिए केंद्र सरकार चार कैटेगरी में पुरस्कार दिए जाते हैं। ग्राम पंचायत अकबरपुर इटौरा को वर्ष 2020-21 में बीते वर्ष के कार्यों पर ग्राम पंचायत की नियमानुसार विकास योजना बनाने के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार, बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा सहित उनके खेलकूद और बाल हितैषी गतिविधियों के लिए चाइल्ड फ्रेंडली अवार्ड और नागरिक सुविधाओं में प्राकृतिक जल स्रोतों तालाब, कुएं पार्क सहित अन्य कार्यों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिए गए हैं।
अमित ने बताया कि ये पुरस्कार पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें देना था लेकिन कोविड 19 के कारण कार्यक्रम निरस्त हो गया था। इसके बाद सभी पुरस्कार भारत सरकार ने ग्राम प्रधानों को भेज दिए थे। शनिवार को लखनऊ में लोहिया भवन स्थित पंचायती राज निदेशालय में निदेशक पंचायती राज किजल सिंह और उप निदेशक प्रवीना चौधरी ने प्रधान अमित इतिहास को तीनों पुरस्कार के साथ प्रोत्साहित किया।