डीएम को ज्ञापन देते भाकियू पदाधिकारी।
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भारतीय किसान यूनियन केे पदाधिकारियों और किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें किसानों की समस्याएं दूर करने की मांग की। प्रदेशाध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन और जिलाध्यक्ष ब्रजेश राजपूत के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर सीएम को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र डीएम संदीप कौर को सौंपा। इसमें मांग की गई कि बुंदेलखंड का किसान कई साल से दैवी आपदा से जूझ रहा है।
किसान बैंकों और साहूकारों के ऋणों से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। बैंकों का कर्जा अदा न हो पाने से उनके ट्रैक्टर भी नीलाम हो रहे हैं। जमीनें भी नीलामी की कगार पर हैं। मांग की कि बुंदेलखंड के किसानों के सभी ऋण बिना सीमा के माफ किए जाएं। सरकार ने जो कर्जे माफ किए हैं, अधिकांश किसानों को लाभ नहंी मिला। दिसंबर 16 तक के सभी ऋण माफ किए जाएं। फसलों को अन्ना जानवर भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए किसानों को बिना ब्याज ऋण दिलाया जाए।
साथ ही बुंदेलखंड में सिंचाई केे संसाधन बढ़ाकर हर खेत को पानी उपलब्ध कराया जाए। सूखाग्रस्त बुंदेलखंड को विद्युत मंत्रालय भारत सरकार सेे 28 फरवरी 10 से अनावंटित कोटे से 300 मेगावाट बिजली आवंटित है, जिसकी राज्य सरकार से कोई धनराशि नहीं ली जाती है, जबकि विद्युत विभाग द्वारा पूरा पैसा वसूल किया जाता है। छह साल में लिया गया पैसा वापस किया जाए। बकाया बिजली बिल माफ कर सिंचाई और घरेलू बिजली मुफ्त की जाए। ज्ञापन देने वालों में रामलखन, रामकुमार पटेल, चतुर सिंह, जितेंद्र, पीडी निरंजन, जेंटर सिंह, सुरेश सिंह, रामदयाल भी शामिल रहे।