उरई/आटा। दस किलोमीटर लंबी आटा से इटौरा मार्ग की बदहाली जल्द ही दूर हो जाएगी। इसके लिए बीस करोड़ का बजट पास हो गया है। टेंडर के बाद काम शुरू हो जाएगा। तीन वर्षो से इस मार्ग से निकलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ओवरलोड वाहनों ने इस सड़क की हालत खराब कर दी थी। पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई थी। कई बार लोगों ने समस्या को लेकर जाम भी लगाया, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा था। अब शासन ने बजट पास कर दिया है।
आटा से अकबरपुर इटौरा तक दस किलोमीटर सड़क 2016 में बनवाई गई थी। सड़क पांच साल तक तो ठीक चली, लेकिन हमीरपुर-जोल्हुपुर मोड के निर्माणाधीन पुल की वजह से रास्ता बंद कर देने से इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। इससे यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई थी। सड़क की हालत यह थी कि यहां दिन भर धूल उड़ती रहती थी। जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए थे।
कई बार सड़क को लेकर लोगों ने जाम भी लगाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आए दिन इस मार्ग पर जाम की स्थिति बन जाती थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने शासन को सड़क के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था। जिसे शासन ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही इस दस किलोमीटर सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि आटा हाईवे से आटा कस्बे तक करीब एक किलोमीटर सीसी सड़क डाली जाएगी। बाकी सड़क डामरीकृत बनाई जाएगी। अभी सड़क की चौड़ाई करीब साढ़े चार मीटर है। अब इसे साढ़े पांच मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे ग्रामीणों की सुविधा और बढ़ जाएगी। सड़क की जर्जर स्थिति को कई बार अमर उजाला मुद्दे के रूप में उठा चुका है। इसके चलते विभाग ने प्रस्ताव भेजा था। कई महीने बाद ही ये प्रस्ताव पास हुआ है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह ने कहा कि सड़क के लिए बजट स्वीकृत हो गया है, आदेश आने के बाद टेंडर प्रक्रिया और काम शुरू करवा दिया जाएगा।
कदौरा आने जाने वाले लोगों को मिलेगा इसका सीधा लाभ
इस मार्ग से आसपास के ग्रामीणों के अलावा कदौरा आने जाने लोगों का प्रतिदिन आवागमन भी होता है। हाईवे से कदौरा की दूरी अधिक हो जाती है। आटा की सड़क से कदौरा का मार्ग पास पड़ता है। करीब सात से आठ किलोमीटर का चक्कर बच जाता है। सड़क बनने से कदौरा के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को अनुसार दस हजार की आबादी इस सड़क से आवागमन करती है।
स्कूली बच्चे हो रहे थे परेशान, व्यापार भी हुआ चौपट
आटा स्टैंड पर करीब 50 दुकानें लगती थी। लेकिन इस मार्ग के ध्वस्त होने से धीरे धीरे लोगों ने अपने मार्ग ही बदल लिए, जिसके चलते स्टैंड के व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया। दुकानदारों ने अपने व्यापार तक बदल दिए हैं। धूल उड़ने से काफी नुकसान भी होता था। वहीं इस मार्ग पर कई स्कूल पड़ते हैं। सड़क ध्वस्त होने से रोजाना ओवरलोड ट्रक फंसते हैं। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे कभी लेट तो कभी लंच के समय स्कूल पहुंचते हैं।
ग्रामीणों की बात-
आटा निवासी कन्हैया कुशवाहा ने बताया कि सड़क खराब होने से धूल की समस्या बढ़ गई है। कस्बा इस सड़क से जुड़ा हुआ है। जिससे धूल कस्बे के अंदर तक जाती है। सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। सड़क बनने इस समस्या से निजात मिलेगी।
अकबरपुर इटौरा निवासी रोहित ने बताया कि रोजाना आटा जाना रहता है। लेकिन सड़क क्षतिग्रस्त होने से जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से सफर तय करते हैं। अगर दूसरी सड़क से जाओ तो सात से आठ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाने पड़ता है।