धर्मांतरण मामले को लेकर वांछित बजरंग दल कार्यकर्ता के घर गई पुलिस के एक महिला से मारपीट की और घर के सामान तोड़ दिए। इसका वीडियो संज्ञान में लेते हुए आईजी ने एसपी एन कोलांचि से मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर एसपी ने पीड़िता को महिला थानाध्यक्ष के साथ कार्यालय बुलाया और दबिश में गए दरोगा व सिपाहियाें की परेड कराई। बाद में वह डीएम रामगणेश के साथ पीड़िता केघर गए और तीन सिपाहियाें को सस्पेंड करने की बात कही। एसपी ने बताया कि इसके अलावा भी जिन सिपाहियों पर आरोप हैं, उनपर कार्रवाई हो सकती है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला पटेलनगर बंबी रोड निवासी बजरंग दल के शैलेंद्र राजावत पर धर्मांतरण के आरोपी का बाल मुड़वाकर गधे पर बैठाकर शहर में घुमाने की रिपोर्ट दर्ज है। 31 जनवरी की रात कोतवाली पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा और उनकी मां सरस्वती के साथ बदसलूकी की। इसके साथ ही घर के सामान तोड़फोड़ दिए। इस दौरान पुलिस ने कई अन्य घराें में भी तोड़फोड़ की।
शैलेंद्र के घर पर सीसीटीवी कैमरा लगा था, लिहाजा पुलिस का पूरा तांडव कैमरे में कैद हो गया। सुबह उसकी मां ने फुटेज निकाले और आईजी जोन जकी अहमद को वाट्सएप पर भेज दिया। इस पर आईजी ने एसपी एन. कोलांचि को फोन कर मामले में जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। आईजी के निर्देश के बाद एसपी ने महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी को सरस्वती के घर भेजकर उसे अपने कार्यालय बुलाया और दबिश में गए सिपाही व दरोगा की परेड कराई। इसके बाद एसपी ने दोषी सिपाही उपेंद्र यादव, इमारान व संग्राम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।