कलक्ट्रेट में बैठक लेते डीएम डॉ. मन्नान अख्तर
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उरई। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक कलक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने माह जनवरी 2020 के प्रगति की समीक्षा की। फिर उन्होंने सभी आशाओं को निर्देश दिए कि वह प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ले जाएं, नर्सिंग होम व प्राइवेट क्लीनिकों में ले गईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अल्पना बरतारिया ने पिछले माह बैठक की कार्यवृत्त के बारे में अवगत कराया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कार्यों में तेजी लाए। बैठक में स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों तथा रखरखाव पर चर्चा की गई, जिस पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी द्वारा कुछ समस्याएं रखी गई, जिस पर जिलाधिकारी ने भवनों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने आशाओं के संबंध में कहा कि कोई भी आशा प्रसूता को सरकारी अस्पतालों के अलावा अन्य अस्पतालों में नहीं ले जाएंगी। यदि आशाएं ऐसा करती है ंतो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, शिशु मृत्यु संबंधी सूचना, घरेलू प्रसव प्रथम पोस्टपार्टम चेकअप संबंधी सूचना, शिशु प्रतिरक्षण कार्यक्रम, 2.5 किलोग्राम से कम संबंधी सूचना, जन्म-मृत्यु की स्थिति, विटामिन की सूचना, पुरुष नसबंदी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच की स्थिति, बच्चों का पूर्ण टीकाकरण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, कम्युनिटी चेकलिस्ट स्थिति आदि के बारे में बिंदुवार समीक्षा की व अधिकारियों से योजनाओं की स्थिति के विषय में गहनता से पूछताछ की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अल्पना बरतारिया, जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सत्यप्रकाश, समस्त सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।