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उरई राठ मार्ग के कट और अधूरी पुलिया बनी जानलेवा

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उरई राठ मार्ग पर चतुर्भुज चौराहे के पास कट। - फोटो : ORAI
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मुहम्मदाबाद। उरई-राठ मार्ग पर हादसों का सफर यूं ही नहीं कहा जाता है। करीब 25 किलोमीटर आधे-अधूरे हाईवे पर अब तक न जाने कितनी हादसों में लोगों की जान जा चुकी हैं। कई लोग तो इन ओवरलोड मौंरग के ट्रकों की चपेट में आकर अपने हाथ पैरों तक गंवा चुके हैं और आज दिव्यांगता का जीवन गुजार रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है अब स्टेट हाईवे उरई से मुहाना तक जरूर बन रहा है। पर कई जगह डिवाइडर बीच में कटा होने से रोज हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा बीच-बीच में अधूरी पुलिया और सड़क भी पड़ी है, इसमें कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। खतरनाक पुलिया अक्सर हादसों के कारण साबित होती है। रोड पर मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, डकोर, मुहाना आदि कई गांव आते हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है उरई से लेकर मुहाना तक स्टेट हाईवे बनकर तैयार होने वाला है। कुछ बजट कम पड़ गया है उसके लिए शासन को लिखा गया है। बजट मिलते ही अधूरा काम फिर चालू करा दिया जाएगा।
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फोटो-5-अहमद हुसैन।
बूढ़े पिता ने उठाया था जवान बेटे का जनाजा
मुहम्मदाबाद निवासी अहमद हुसैन बताते हैं कि इसी उरई-राठ मार्ग ने जवान बेटे साजिद को उनसे छीन लिया है। उनका बेटा साजिद अपने दोस्त प्रेमनारायण के साथ बाइक से जा रहा था। ट्रक की टक्कर से बेटा एक बार ऐसा जमीन पर गिरा कि दोबारा अब्बू सुनने को नहीं मिला। उन्होंने देखा है अल्लाह किसी को न दिखाएं। बस यही दुआ है कि हाईवे बन जाए और ट्रकों की रफ्तार कम हो जाए ताकि हमारी किसी और का घर चिराग ना बुझे।
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फोटो-6-प्रदीप।
पत्नी से छूटा जीवन भर का साथ
ऐरी रामपुरा निवासी प्रदीप बताते हैं दंपती साथ जन्मों का होता है लेकिन वह दिन कभी नहीं भूलेंगे। वह बताते हैं कि पत्नी शांति देवी के साथ ससुराल कुसमिलिया से लौट रहे थे। तभी उरई-राठ मार्ग पर पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। बाइक पर बैठी पत्नी सड़क पर ऐसी गिरी के फिर कभी उठ नहीं सकी। गुस्साए लोगों ने दो तीन ट्रकों में आग भी लगा दी थी। पर शांति तो आने वाली नहीं थी लेकिन ऐसे हादसे कभी भूले नहीं जा सकते।
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फोटो-7-करन सिंह।
सड़क ने पैर छीने और छीन गई सारी खुशियां
यह पैर से विकलांग कुसमिलिया निवासी करन सिंह राजपूत बताते हैं कि ट्रक के पहिए एक पैर से ऐसे कुचला कि आज तक नकली पैर का सहारा लेना पड़ रहा है। कानपुर के रिजेंसी अस्पताल में करीब पांच लाख रुपये खर्च हो गए। आखिर में डॉक्टरों जान बचाने के लिए उनका पैर काटना ही पड़ा। इसके बाद करीब तीन लाख रुपये नकली पैर बनवाने में लग गए। राजमार्ग पर हुए हादसे में जिंदगी की सारी खुशियां पर पानी फेर दिया।
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फोटो-8-राहत उल्ला।
घर के कमाऊ सदस्य को छीन लिया
मुहम्मदाबाद निवासी राहत उल्ला बताते हैं कि बेटा रफाकत उल्ला घर में सबसे बड़ा था। उस पर ही घर की जिम्मेदारी थी। शहर में कृषि यंत्रों की दुकान चलाया करता था। पर 12 जून को जब वह उरई से मुहम्मदाबाद आ रहा था। ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। वह बताते हैं कि स्टेट हाईवे जो बन रहा है इस पर डिवाइडर पर कई जगह कट है। जिससे वाहन कहीं दूसरी जगह आ जाते हैं। इससे रोज दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे हादसों पर लगाम लगाने के लिए इन कटों को बंद कराया जाए और अधूरे पड़े हैं स्टेट हाईवे पर काम जल्दी पूरा किया जाए।
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