उरई(जालौन)। औरैया के युवक को फर्जी मामले में जेल भेजने में आरोपी तत्कालीन सिपाहियों की वर्तमान लोकेशन का पता किया जाएगा। रामपुरा इंस्पेक्टर संजय मिश्रा का कहना है कि जांच चाहे सीबीसीआईडी करे या थाना पुलिस, आरोपियों की लोकेशन पता करना बेहद जरूरी है।
रामपुरा थाने में सीबीसीआईडी की ओर से बुधवार को सन 2000 में औरैया के युवक मुकेश को एनडीपीएस के फर्जी मामले में जेल भेजने के आरोप में तत्कालीन एसओ और तीन सिपाहियों समेत सात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामला करीब 20 साल पुराना होने के कारण इसकी विवेचना आसान नहीं है। आरोपी तत्कालीन सिपाही तिलक सिंह, बृजेश कुमार, बृजेश्वर दयाल की वर्तमान लोकेशन कहां है, यह पता लगाना पुलिस के लिए बेहद जरूरी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनमें एक-दो सेवानिवृत्त हो चुके होंगे। यह किस जिले में हैं, यह पता लगाना आसान नहीं है। इन आरोपियों पर कार्रवाई के लिए उनकी लोकेशन पता होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा जिन इलाकाई लोगों को नामजद किया गया, उनका भी पता किया जा रहा है। तत्कालीन एसओ शैलेंद्र सिंह लखनऊ सीबीसीआईडी में उपाधीक्षक पद पर तैनात बताए जा रहे हैं।
रामपुरा इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले की जांच थाना पुलिस करेगी या सीबीसीआईडी यह उच्चाधिकारी तय करेंगे। फिलहाल आरोपियों की वर्तमान लोकेशन देखी जा रही है।