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Jalaun News: आधार संशोधन बना मुसीबत, पेंशन तो किसी का राशन रुका

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उरई। आधार संशोधन के नाम पर लोग कई महीनों से परेशान हैं। कोई पांच किलोमीटर तो कोई 50 किलोमीटर दूर से आ रहा है। आधार संशोधन के नाम पर उसे टोकन व्यवस्था की जानकारी मिल रही है। उसके आधार में सुधार नहीं हो पा रहा है। शहर में करीब 13 जगह पर आधार संशोधन के लिए बैंकों में एक डेस्क के तहत काम किया जा रहा है। इनमें अधिकतर डेस्क बंद रहती हैं। आधार संशोधन नहीं होने से किसी को राशन नहीं मिल पा रहा तो कोई पेंशन के लिए परेशान है।
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शहर के डाकघर में आधार संशोधन और नए कार्ड बनवाने पहुंच रहे लोग परेशान हैं। उन्होंने पहले कई तरह की कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ रहा है। इसके बाद सर्द हवाओं में उन्हें सुबह छह बजे लाइन लगानी पड़ रही। इसके बाद टोकन हाथ में आने के बाद भी इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार सर्वर की समस्या तो कई बार डेस्क बंद होने के कारण लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। डाकघर में आधार संशोधन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि रोजाना 40 लोगों को टोकन सुबह आठ बजे से बांटे जाते हैं। इसके बाद क्रम से सभी के आधार बनाए और सुधार किए जाते हैं।

फोटो- 09 प्रवेश
45 किलोमीटर दूर से आए
राजपुर निवासी प्रवेश कुमार गौतम ने बताया कि वह 45 किलोमीटर दूरी से आए। तीन महीने से परेशान हैं। पहले जब आए थे तो सर्वर नहीं आ रहा था। दोबारा में कोई डेस्क पर नहीं मिला। शनिवार को फिर से पहुंचे तो टोकन लेने पर काम होने की जानकारी दी गई। डेस्क पर जानकारी दी गई कि पैसे देकर करवाना है तो बैंक चले जाओ।
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फोटो- 10 अमन



पापा की रुकी पेंशन

बारा निवासी अमन ने बताया कि पापा का दो बार आधार संशोधन करवा चुके हैं। दोनों बार कैंसिल हो गया है। अब फिर आए तो टोकन लेकर नंबर लगाया, फिर कागजों में कमी निकाल दी। बताया गया कि जब नंबर आ जाएगा तो सुधार करवाया जाएगा। चार महीने से परेशान हैं। बताया पापा की पेंशन रुक गई है।



फोटो- 11 संजू



बच्चों के आधार का संशोधन कराना

रगौली निवासी संजू ने बताया कि दो बार आ चुके हैं। टोकन व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। बच्चे का आधार संशोधन करवाना हैं, लेकिन हो नहीं पा रहा है। दो बार काम छोड़कर डाकघर आए हैं, लेकिन यहां पर कोई कर्मचारी सुनवाई नहीं करता है। अभद्रता की जाती है।



फोटो- 12

कोई सही जानकारी नहीं देता

चौरसी निवासी मुन्नी ने बताया कि बच्चों का नाम राशनकार्ड से कट गया है। आधार संशोधन करवाने के लिए दो बार आ चुकी हैं, लेकिन कोई सही जानकारी नहीं देता है। बताया सुबह छह बजे बुलाया जा रहा है। इतने दूर से तीन लोग आते हैं। 100 रुपये तो किराया ही लग जाता है। यहां पर कोई काम नहीं हो पाता है।

वर्जन-

टोकन व्यवस्था उच्च अधिकारियों के निर्देश पर शुरू की गई है। जिले में सबसे ज्यादा आधार कार्ड बनाने का काम डाकघर में किया जाता है। शहर में कई बैंक में भी आधार सुधार का काम होता है, लेकिन काफी समय से बंद पड़ा है। इससे समस्या बढ़ गई है। उच्च अधिकारी इस पर ध्यान दें तो कुछ समाधान हो सकता है।
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- प्रभात मिश्रा, पोस्ट मास्टर


वर्जन

जिले के डाकघरों में आधार संशोधन व बनाने का काम चल रहा है। मामला संज्ञान में आया है। जांच कर कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
- संजय कुमार, एडीएम

बंद पड़ा ग्राम रामबोझा का आरोग्य मंदिर।संवाद

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