उरई (जालौन)। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने टेंट कर्मचारी को बीस साल की सजा सुनाकर 60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि सात मई 2023 को उसके परिवार में शादी थी। जिसके लिए कालपी कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर गुढा निवासी मनोज टेंट लगाने आया था। टेंट लगाने के दौरान वह उसकी नाबालिग बेटी को बातों में फंसाकर टेंट के पीछे ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मनोज को 14 मई 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ कोर्ट में आठ जून 2023 में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चले ट्रायल के बाद गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने मनोज को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।