उरई। शहर के काली दास मार्ग पर कई गलियों में बिजली के तारों का जंजाल हादसों को दावत दे रहा है। बेतरतीब ढंग से फैले तार गर्मी के चलते रोजाना टूट रहे है। जिसकी वजह से कई इलाकों में हादसा होने का भी खतरा बना है। मोहल्ले के लोगों ने कई बार विभाग के जिम्मेदारों की उनका फर्ज याद दिलाने के लिए शिकायत की, पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
शहर के नया पटेलनगर कालिदास मार्ग पर तारों का खुला मकड़जाल कई जगह पर फैला हुआ है। कई ट्रांसफार्मर के तार सड़क पर खुले में पड़े हुए हैं। जिनसे मवेशियों को खतरा बना रहता है। कई गलियों में खंभे की जगह बिजली के तार लोगों के दरवाजे पर लटके हुए हैं। जिन्हें सिर्फ हाथ ऊपर करके छुआ जा सकता हैं। कई घरों के दरवाजे तक इन तारों के चलते खुलते नहीं है। वह सिर्फ बाहर निकलने के लिए आधा दरवाजा खोलते हैं। बिजली के तार कई बार टूटकर नीचे गिर चुके हैं। गनीमत रही आसपास कोई नहीं था कोई हादसा भी हो सकता था। तार टूटने के बाद भी इनको ऊंचाई पर नहीं किया गया।
लोगों की बात-
फोटो-03 अजय
अजय सोनी ने बताया कि मोहल्ले में सबसे बड़ी समस्या खुले बिजली के तार हैं। जो लोगों के दरवाजे के आगे लटके हुए हैं। इन तारों की जगह बंच केबल होती तो भी कोई खतरा नहीं था। लेकिन खुले तारों से हर समय खतरा बना रहता है।
फोटो-04 संतोष
संतोष ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत की। ट्रक तक मोहल्ले में नहीं आ सकता है। गलियो में खुलने के बाद तार लिपट जाते हैं। सड़क पर रखे ट्रांसफार्मर के भी तार खुले सड़क पर बड़े हैं। कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
वर्जन-
इसकी जानकारी नहीं थी। शिकायत भी उन्हें कोई प्राप्त नहीं हुई है। अब जानकारी हुई है। इसको दिखवाकर खुले तारों को बंद करके ऊंचाई पर खंभे पर लटकाए जाएंगे।-
जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग