फोटो- 21 ग्राम पंचायत पाल मड़ैया में जांच करती टीम। संवाद
कालपी। विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत पाल मड़ैया पंचायत सदस्यों की शिकायत पर मंगलवार को तीन सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची। टीम ने मनरेगा राज्य वित्त केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत कराए गए कार्यों को देखा। मौके पर कार्यों के अभिलेख उपलब्ध न होने पर जांच पूरी नहीं हो सकी।
ग्राम पंचायत पाल मड़ैया के सदस्य तुलसीराम, करण सिंह, रामप्रकाश, पंकज, शकुंतला ने मंडलायुक्त व डीएम के यहां शिकायत की थी। इसमें बताया था कि ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत तालाब खोदाई जलरोधक बांध, मेडबंधी, समतलीकरण के कार्यों का फर्जी तरीके से भुगतान किया गया है। हकीकत में यह काम नहीं हुए। सदस्यों ने राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त आयोग से टाइल्स, हैंडपंप रीबोर एवं मरम्मतीकरण के नाम से लाखों रुपये का फर्जी भुगतान निकाला गया है।
डीएम राजेश कुमार पांडेय ने डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद को जांच दी थी। जांच में कई कमियां उजागर हुईं। प्रधान को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद प्रधान ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। सांसद नारायणदास अहिरवार ने भी प्रमुख सचिव पंचायतीराज विभाग को जांच के लिए पत्र लिखा था। इसमें डीएम द्वारा कराई गई जांच में अनियमितता मिलने और अभी तक कार्रवाई नहीं होने का जिक्र है।
इससे नाराज शिकायतकर्ताओं ने फिर शिकायत की। इस पर डीएम ने जिला उद्योग केंद्र अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार, एसडीएम कालपी मनोज कुमार सिंह की तीन सदस्यीय टीम को जांच करने के आदेश दिए। मंगलवार को टीम ने गांव पहुंचकर शिकायतकर्ता, ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मौके पर बुलाकर जांच की। कुछ कार्यों के अभिलेख मौजूद न होने पर जांच पूरी नहीं हो सकी है। एसडीएम ने बताया उन्होंने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को बुलाकर संबंधित अभिलेख मांगे लेकिन अभिलेख उपलब्ध न होने पर अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है। अभी जांच जारी है। जांच में जो तथ्य आएंगे, उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।