जालौन। तहसील क्षेत्र के 2 लाख 1 हजार 360 मतदाता 19 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। परिसीमन के बाद से तहसील क्षेत्र तो विधानसभा क्षेत्रों में बंट गया है। तहसील क्षेत्र के लोगों की माने भले ही तहसील एक हो, लेकिन परिसीमन की वजह से उन्हें दो दो विधायक चुनने का मौका मिल रहा है। इसलिए पूरा विश्वास है कि चुनाव के बाद क्षेत्र का विकास रफ्तार पकड़ेगा।
तहसील क्षेत्र को उरई जालौन और कालपी विधानसभा सीटों में विभाजित किया गया जिसमें कालपी विधानसभा में इस क्षेत्र के सर्वाधिक मतदाता 1 लाख 15 हजार 123 हैं। वहीं, उरई जालौन विधानसभा क्षेत्र में 86 हजार 237 मतदाता हैं। दोनों विधानसभा के 19 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। कालपी विधानसभा के 144 बूथ इस क्षेत्र में बने हैं जबकि उरई जालौन विधानसभा में मात्र 95 बूथ ही हैं। उरई जालौन को दो जोन तथा नौ सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जबकि कालपी विधानसभा को तीन जोन तथा 19 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। कालपी विधानसभा में अतिसंवेदनशील बूथों की सर्वाधिक संख्या 42 व संवेदनशील बूथ 38 चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा आदर्श बूथ के रूप में 17 बूथ चिह्नित किए गए हैं। उरई जालौन विधानसभा क्षेत्र में अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या 10 व संवेदनशील बूथ 17 तथा 13 आदर्श बूथ चिह्नित किए गए हैं। उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव ने बताया कि अतिसंवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर पैनी नजर रखी जाएगी।