जालौन। छात्र ने कमरे में लगे हुक से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर आईआईटी की तैयारी कर रहा था। कुछ दिन पहले जेईई मेन पेपर-2 के घोषित रिजल्ट में सफल न होने पर परेशान था। इसी के तनाव के चलते उसने आत्महत्या कर ली।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के उरगांव निवासी रोजगार सेवक प्रकाश कुशवाहा के पुत्र मोहित कुशवाहा (18) ने शुक्रवार रात कमरे में लगे हुक से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिजन उसके कमरे में पहुंचे तो फंदे पर शव लटका देख उसके होश उड़ गए। पिता प्रकाश ने बताया कि मोहित उनका इकलौता बेटा था। इंटर की परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली में आईआईटी की तैयारी करने के लिए चला गया था।
लेकिन कुछ दिन पहले घोषित हुए रिजल्ट में वह सफल नहीं हुआ। इस पर वह छह दिन पहले गांव आया और तभी से गुमसुम रहता था। शुक्रवार को उसने सबके साथ खाना खाया और अपने कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली। बताया कि चयन न होने पर उसे समझाया था, लेकिन वह किसी से ज्यादा बात नहीं कर रहा था। उसके एक बहन भी है। उसकी मौत से मां प्रतिमा सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि परीक्षा में पास न होने पर परिजनों द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही जा रही है। जांच पड़ताल की जा रही है।
मां आईआईटी में चयन के बाद ही घर लौटूंगा
जालौन। कोतवाली क्षेत्र के उरगांव निवासी मोहित कुशवाहा पढ़ने में होशियार था। इस पर पिता से उसने आईआईटी की तैयारी करने की बात कही। इस पर पिता ने उसे दिल्ली भेज दिया। मां प्रतिमा ने रोते रोते बताया कि वह दिल्ली से अक्सर बात करता था, जब वह उससे घर आने की बात कहती थी तो वह एक ही बात कहता था कि मां आईआईटी में चयन होने के बाद ही वह अब घर आएगा। लेकिन जब उसका रिजल्ट निकला तो वह परेशान हो गया। क्योंकि उसका नाम ही नहीं था। मायूस होकर वह छह दिन पहले घर आ गया। बताया कि उसे खूब समझाया, लेकिन वह तभी से तनाव में था। ज्यादा किसी से बात भी नहीं कर रहा था। उसकी मौत से मां बेसुध हो रही है।