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एट-कुठौंद में आग की लपटों से घिरे खेत

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गेहूं की फसल में लगी आग - फोटो : ORAI
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एट। एचटी लाइन में फाल्ट से निकली चिंगारियों ने नीचे खेतों में खड़ी गेहूं की करीब सौ बीघा फसल को आग की लपटों के हवाले कर दिया। खेत धूं धूं कर जलते देख किसानों के होश उड़ गए। कुछ किसान तो अपनी उपज आंखों के सामने जलते देख बेहोश तक हो गए। उन्हें नजदीक के अस्पताल पहुंचाया गया। गुस्साए किसानों ने उरई-कोंच मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
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शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे भाजपा सांसद भानु प्रताप वर्मा के गोद लिए गांव हरदोई गुर्जर में खेतों से निकली 11000 एचटी लाइन के तार आपस में टकराने से यह हादसा हुआ। तारों के टकराने से निकली चिंगारी से अरुण कुमार की 20 बीघा, सीताशरण की 40 बीघा, निशात एवं छोटे भाई प्रशांत एवं सहयोगी जगदीश 20 बीघा निवासी हरदोई गूजर थाना एट की खड़ी गेहूं की फसल जलने लगी। लपटें देख पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन जब तक करीब 100 बीघा फसल पूरी तरह से जल गई थी। गुस्साए किसान गांव से बाहर निकले और उरई-कोंच मार्ग पर जाम लगाकर मुआवजे की मांग करने लगे। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की कतारें लगने लगी।
सूचना पाकर उप जलाधिकारी कोच अशोक कुमार, तहसीलदार उरई करणवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी कोच राहुल पांडे, प्रभारी निरीक्षक विनय दिवाकर, कोच प्रभारी निरीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाना शुरू किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मुआवजा दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। तब जाकर कहीं आधे घंटे के बाद किसानों ने जाम खत्म किया। इसके बाद लेखपाल ने नुकसान का जायजा भी लिया। वहीं किसी जनप्रतिनिधि के भी मौके पर न पहुंचने से किसानों में रोष बना रहा।
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फसलें जलती देख दो किसान बेहोश
आग की लपटों से घिरे खेतों को किसान बेबस खड़े देखते रहे। उनकी आंखों के सामने ही उनकी फसलें राख हो रही थी। किसान निर्मल और अरुण का बेटा टिंकू तो मौके पर ही बेहोश हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उधर, किसानों का रोष दमकल और बिजली विभाग दोनों के अधिकारियों के खिलाफ था। कहना है कि बार बार कहने के बाद भी खेत से ऊपर से झूलते तार नहीं हटाए गए। वहीं आसपास कोई दमकल स्टेशन न होने से भी गाड़ियां देरी से पहुंच पाती हैं।
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