जालौन। नारायणपुरा गांव की बिना रेलिंग की पुलिया गुरुवार रात बाइक समेत दो युवक नहर में जा गिरे। एक को गंभीर हालत में झांसी रेफर किया गया है। दीपावली पर दोनों युवकों की जान जाने के बाद लगातार यह दूसरा हादसा है। जिम्मेदारों के लापरवाह रवैये से खफा ग्रामीणों ने शुक्रवार को रोड पर जाम लगा दिया। एक घंटे बाद एसडीएम के आश्वासन पर लोग माने।
जालौन से हरदोई गूजर मार्ग पर नारायणपुरा गांव के पास नहर है। यहां से होकर जो सड़क निकली है वह दोनों ओर तीव्र घुमावदार है। मार्ग पर न तो कोई संकेतक है और न स्पीड ब्रेकर बने हैं। यहां तक कि पुलिया की रेलिंग भी वाहनों के टकराने से टूट चुकी है। ऐसे में रात के समय तेज रफ्तार वाहन चालक यहां के तीव्र घुमाव को समझ नहीं पाते हैं। इससे अक्सर हादसे हो जाते हैं।
तीन दिन पूर्व दीपावली की रात इस स्थान पर अमीटा गांव निवासी दो युवक बाइक समेत नहर में गिर गए थे और उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद गुरुवार की देर रात फिर से यहां एक हादसा हो गया। झांसी के ग्राम जौरा निवासी अमित कुमार (28) व हाकिम सिंह (35) जालौन के मोहल्ला जोशियाना में बहनोई मोहन के यहां भाई दूज पर तिलक कराने के लिए आए थे। बहन के यहां से तिलक कराकर और खाना खा पीकर रात करीब 10 बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। जब उनकी बाइक नारायणपुरा नहर के पास पहुंची तो तीव्र घुमाव के चलते दोनों बाइक सवार बाइक समेत नहर में चले गए।
अमित को अधिक चोटें आने के चलते वह बेहोश हो गया। हाकिम सिंह किसी तरह नहर से बाहर आया। वहां से कोई वाहन न निकलता देख वह पास में स्थित गांव में पैदल पहुंचा और ग्रामीणों से मदद से गुहार लगाई। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च संस्थान रेफर कर दिया गया।
जाम लगाए ग्रामीण बोले, दो मौतों के बाद भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार, अब किसका इंतजार
जालौन। नारायणपुरा बंबा पर तीन दिन में दो हादसे होने से बाद शुक्रवार को गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। उनका कहना था कि दो मौतों के बाद भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। अब किसका इंतजार कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम वियन मौर्य को ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया और समस्या का समाधान कराने की मांग की। एसडीएम के आश्वासन के बाद जाम खुल सका। इस दौरान करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
ग्रामीणों के जाम लगने की सूचना मिलते ही एसडीएम विनय मौर्य, नायब तहसीलदार गौरव कुमार, इंस्पेक्टर क्राइम जगदंबा प्रसाद दुबे पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीण रामजी, सुमित कुमार, निक्की, नीतू, कृष्ण कुमार, नरेंद्र, विनय कुमार ने बताया कि एक वर्ष में इस स्थान पर करीब 50 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इसमें 12 लोग जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा कई लोग गंभीर और कई मामूली रूप से चुटहिल हुए हैं।
लोगों का कहना है कि यह रोड हरदोई गूजर होकर झांसी से मिलता है। इस वजह से दिन-रात वाहनों का आवागमन लगा रहता है। ग्रामीण कई बार रेलिंग को बनवाने की मांग कर चुके हैं। इसके साथ ही यहां तीव्र घुमाव से संबंधित साइन बोर्ड, रेडियम स्टीकर और मोड़ के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से की जा चुकी है।
दो तीन वर्ष पूर्व संकेतक लगाए गए थे लेकिन वह भी टूट चुके हैं। पुलिया की रेलिंग भी टूट चुकी है। ग्रामीणों की मांग पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पुलिया की रेलिंग बनवाने के साथ ही संकेतक और अन्य सुरक्षा उपायों की यहां व्यवस्था की जाएगी। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम हटाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
फोटो 20 नारायणपुरा पुलिया का टूटा हिस्सा। संवाद
फोटो 20 नारायणपुरा पुलिया का टूटा हिस्सा। संवाद