उरई (जालौन)। छह रोज से बिजली ने इस कदर परेशान कर रखा है कि लोगों का दिन का चैन व रात की नींद हराम हो गई है। लोगों का कहना है कि 24 घंटे में बामुश्किल छह से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है, रात में तो पूरी तरह गुल रहती है। इसके चलते भीषण गर्मी में दिन का चैन और रात की नींद छिन गई है। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि बिजली न मिलने से कारोबार ठप-सा होता जा रहा है। इसको लेकर यहां के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
तुलसी नगर के कपड़ा व्यवसायी विजय गुप्ता व श्रीराम गुप्ता और अंबेडकर चौराहा स्थित कंफेक्सनरी दुकानदार नीरज छावला कहते हैं कि बुधवार को दिन भर बिजली की आंखमिचौली चली, शाम को बामुश्किल दो घंटे बिजली आई। इसके चलते शाम को दुकान में बिल्कुल बिक्री नहीं हुई। गोपाल गंज निवासी श्रीमती गीता गुप्ता बताती हैं कि बिजली गुल रहने से न दिन में आराम कर पा रही हैं और नहीं रात में सो पा रही हैं। इसका असर सेहत पर पड़ रहा है। कृष्णा नगर निवासी सलोनी बंसल कहती हैं कि इस भीषण गर्मी में बिजली गुल हो जाने पर मच्छरों की फौज रात में सोने नहीं देती। बिजली न आने से फ्रिज में रखे फल व अन्य खाद्य पदार्थ खराब हो जाते हैं। सूर्यनगर मोहल्ले के रोहित गुप्त की भी यही पीड़ा है, उनका कहना है कि अघोषित बिजली कटौती से आराम हराम हो गया है। म्यूजिक सेंटर के संचालक अंकित गुप्ता का कहना है कि उनका सारा व्यवसाय बिजली पर आधारित है, इससे धंधा मंदा पड़ रहा है। नगर के प्रदीप राजपूत, चंद्रप्रकाश दुबे, भरत अवस्थी व राकेश गुप्ता का भी कमोवेश यही कहना है कि बिजली ने चैन छीन लिया है। उधर, इस संबंध में डॉक्टरों का कहना है कि बिजली इसी तरह रुलाती रही तो तमाम लोग मानसिक रोगी हो जाएंगे।
विद्युत विभाग के अवर अभियंता आरवी सिंह और पावर हाउस इंचार्ज एनआर पाल का कहना है कि घोषित कटौती सुबह 9 बजे से 11 बजे तक व शाम को 3 बजे से 5 बजे तक है। लेकिन चार मई से उन्हें लखनऊ से उच्चाधिकारियों की ओर से अघोषित कटौती के आदेश मिलते हैं। चार मई से रात 11 बजे से 1 बजे तथा सुबह 5 बजे से 7 बजे तक अघोषित कटौती हो रही है। अवर अभियंता आरवी सिंह के मुताबिक जब जर्क लोड पड़ता है तो शहर की जर्जर लाइनों में फाल्ट आ जाता है। इसके कारण कटौती के अलावा भी बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है।