कालपी। विकास खंड कदौरा के ग्राम परासन के आराजी एवं गाटा संख्या तथा क्षेत्रफल का उद्वरण खतौनी की कालपी तहसील के कंप्यूटरीकृत कक्ष में फीडिंग न होने से कृषकों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। कृ षि भूमि के रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करने के लिये स्थानीय तहसील में कंप्यूटरीकृत कार्यालय का स्थापना 4 वर्ष पहले कराई गई थी। आपरेटरों तथा अफसरों की लापरवाही के कारण परासन गांव की भूमि का इंट्रीज व फीडिंग कंप्यूटर में न हो सकी है। इस कारण उद्वरण खतौनी की नकल को पाने के लिये क्षेत्रीय कृषक भटक रहे है। वीरेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि पिछले 6 माह से ऑफिस के चक्कर लगा रहे है, लेकिन खतौनी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। क्षेत्रीय लेखपाल हरेंद्र सिंह ने बताया कि खतौनी का कंप्यूटरीकृत करने के पहले रिव्यू करने का कार्य चल रहा है। सरकारी तंत्र की कछुआ गति का लाभ किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आखिर इस समस्या से कब निजात मिल पाएगी।