कोंच(जालौन)। यद्यपि निकाय चुनाव को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है किंतु चुनावी सरगर्मियां पूरे शबाब पर हैं। सबसे ज्यादा टिकट की मारामारी कांग्रेस और भाजपा में ही दिखाई दे रही है।1995 और 2000 में हुये पालिका चुनाव में कोंच में कांग्रेस ने दिवंगत अशोक शुक्ला के रूप में अपनी धमाकेदार जीत दर्ज कराई थी, इस लिहाज से भी अगर देखा जाये तो कांग्रेस का टिकिट काफी महत्वपूर्ण है। अभी तक जो तस्वीर निकाय अध्यक्ष पद की सामने है उसके मुताबिक यह पद पिछड़ी महिला के लिये आरक्षित है और कांग्रेस में यादव, मुसलमान तथा काछी जैसी पिछड़ी जातियों के लोग अपनी-अपनी पत्नियों के लिये टिकिट मांग रहे हैं। मुसलमान दावेदार के रूप में हाजी सेठ नसरूल्ला पत्नी का नाम जोरदारी के साथ उछलता दिख रहा है, जबकि पूर्व पालिका कर्मचारी रहे कढोरेलाल यादव बाबूजी की पत्नी का नाम भी चर्चाओं में शुमार है। इसके इतर काछी बिरादरी से पूर्व सभासद और पालिका के कनिष्ठ उपाध्यक्ष रहे कृष्णविहारी .ओमी. कुशवाहा अपनी पत्नी बबीता के लिये टिकिट मिलने के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। उनका दावा है कि यदि पार्टी उन्हें टिकिट देती है तो वह जीत के काफी नजदीक होंगे, उनका कहना है कि उनकी खुद की बिरादरी काछियों का साढे पांच हजार वोट तो उनकी पूंजी है इसके अलावा सवर्ण वर्ग का भी समर्थन उनके साथ है। अगर जातीय समीकरणों पर गौर किया गया और पार्टी जीत की लड़ाई के साथ मैदान में उतरती है तो काछी को टिकिट मिलने की पूरी सम्भावनायें दिखाई दे रही हैं।