उरई (जालौन)। दो दिनों से आसमान पर छाए काले बादलों और रिमझिम बौछारों ने त्यौहार के ऐन वक्त पर कुम्हारों का धंधा मंदा कर दिया है। कुम्हारों का कहना है कि इस वक्त उन्हें दीये बनाने थे, लेकिन धूप न निकलने से दीयों के सूखने की समस्या खड़ी हो गई है।
स्टेशन रोड, अंबेडकर नगर, गोपालगंज, बजरिया, लहरियापुरवा, झांसी रोड इत्यादि इलाकों में इस वक्त कुम्हारों के चाक से दीयों का बनना शुरू हो जाता है। मौसम खराब होने से कुम्हार इस समय दीये की बजाए कुल्हड़ और खिलौने बना रहे हैं। अंबेडकर नगर में चाक चलाते कुम्हार सतीश ने बताया कि मौसम का मिजाज देखकर लगता नहीं है कि अभी दो-तीन दिन आसमान साफ होगा। लिहाजा दीये बनाने की हिम्मत नहीं हो रही है। वर्ना अब तक तो काफी माल बनकर तैयार हो जाता, जिससे दो-तीन महीने तक परिवार का खर्च बड़े आराम से चल जाता। अब मजबूरन गुजारे के लिए थोड़े बहुत कुल्हड़ बनाकर ही काम चलाया जा रहा है।
झालरों ने भी बुझाई दियों की चमक
गोपाल गंज निवासी कुम्हार चंद्र प्रकाश का कहना है कि एक तो वैसे ही चाइनीज झालरों ने दीवाली पर दीयों का चलन काफी कम कर दिया है। जो थोड़ा बहुत दीया बिकता भी था तो रही सही कसर मौसम ने पूरी कर दी है।