उरई (जालौन)। गणेश महोत्सव के अंतिम दिन सोमवार को पंडालों व घरों में स्थापित प्रथम आराध्य भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को शोभायात्रा निकालकर विसर्जन किया गया। गाजे बाजे के साथ निकाली गई विसर्जन यात्रा में श्रद्धालु डीजे की धुन पर थिरकते हुए चल रहे थे। साथ ही अबीर-गुलाल उड़ाते हुए जयकारा लगाते चल रहे थे। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ...’ जयकारे से समूचा माहौल गूंज रहा था। कुल मिलाकर पूरा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा था। इसके बाद नदियों के तट पर पहुंचकर नम आंखों से प्रथम पूज्य को विदा किया और एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल उड़ाते हुए घरों को लौटे।
शहर के मोहल्ला राजेंद्र नगर में कल्लू गोस्वामी और उनकी पत्नी मंजू गोस्वामी बीते कई पांच वर्षों से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजन पाठ करतीं हैं। इस बार भव्य भंडारा भी कराया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच गणेश महोत्सव का समापन हुआ। सोमवार को गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिए यमुना नदी ले जाया गया। इसके पहले पांडाल में आचार्य द्वारा विधि विधान से पूजन पाठ हुआ और फिर आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। भगवान गणेश की प्रतिमा उठाई गई तो जयकारों के बीच श्रृद्धालुओं के आंखें नम हो गईं। इसके बाद मुख्य मार्ग से होते यमुना नदी कालपी में गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान रमाकांत शिवहरे, संजू, वीरेंद्र, मुन्ना सिंह चौहान, संजय शर्मा, विवेक उदैनियां, संजू, राकेश, राजीव, सुधा, कीर्ति शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, शहर में अन्य स्थानों पर स्थापित प्रतिमाएं भी गाजे बाजे के साथ पहुंची और ‘गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ...’ जयकारे के साथ विसर्जन किया गया।
उधर, कोंच में गणेश सेवा समिति गढ़ी के तत्वाधान में प्रतिष्ठापित गजानन को विदाई देने के बाद सोमवार को प्राचीन गणेश मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद छका।