कालपी (जालौन)। गांव मसगायां में गुरुवार की रात आंधी के दौरान खरपतवार के ढेर पर गिरी चिंगारी से लगी आग में गांव के 150 घर एक-एक कर राख हो गए। घटना के बीस घंटे बाद भी शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से किसी तरह की मदद न पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर जमकर नारेबाजी की। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीएम व एसपी ने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया और आर्थिक सहायता के साथ खाने-पीने का इंतजाम भी करवाया।
गांव मसगायां में गुरुवार की रात लगी आग में अहिरवार समाज के करीब 50, वाल्मीकि समाज के 30, पाल समाज के 20, यादव समाज के आधा दर्जन तथा अन्य जाति के 30 घर समेत डेढ़ सौ घर राख हो गए। आग की लपटों को देख गांव वालों ने एकजुट होकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के झोंके से आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया। इससे पूरे गांव में कोहराम मच गया। लोगों ने दमकल कार्यालय कालपी को खबर दी। फायर ब्रिगेड करीब घंटे भर बाद गांव पहुंची, तब तक आग ने पूरे गांव को चपेट मेें ले लिया था। आग की चपेट में आकर गांव के वीर सिंह यादव का 25 बोरा गेहूं, 5 बोरा मटर, अरहर दो बोरा, भूसा, घर के सभी सामान समेत एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रामसेवक यादव का दो हजार रुपये नकदी समेत गेहूं, मटर, अरहर, चना आदि खाने, पीने का सामान जलकर नष्ट हो गया। मातादीन की पुत्री पार्वती की बीस जून को शादी होनी थी, दहेज का सभी सामान, गेहूं, आटा सहित कई सामान जलकर खाक हो गया। इसी प्रकार रामजीवन के घर में रखे 40 बोरा गेहूं, 5 बोरा मटर, 30 हजार नकद व एक लाख रुपये के जेवरात आग में जल गए। जगराम की तीन भैंसें, लल्लू अहिरवार की 4 गाय तथा संतराम विश्वकर्मा की 4 बकरियां आग से जलकर मर गईं। राधेश्याम विश्वकर्मा के 20 बोरा गेहूं, 5 बोरा चना, मटर, भूसा, टीवी सहित कीमती सामान जल गया। इसके अलावा 5 तोला, बर्तन, सोना, बर्तन आदि सामान जलकर खाक हो गया। जगन्नाथ का दस कुंतल गल्ला घर में बंद था, जो आग से खाक हो गया। उधर घटना के बाद एसडीएम धीरेंद्र कुमार, तहसीलदार ओपीसिंह, नायब तहसीलदार रामशंकर ने डेरा डाल रखा है। बसपा नेता संजय भदौरिया, श्रीराम बघेल, जीवन अहिरवार ने पहुंचकर स्थिति को देखा।