कालपी (जालौन)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों का टोटा है। इससे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं और उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हाल यह है कि यहां आने वाले ज्यादातर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक व बाल रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं। प्रसव के लिए आने वाली महिलाएं स्टाफ नर्स के भरोसे रहती हैं। जच्चा-बच्चा को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में सर्जन की तैनाती भी नहीं है। यह स्वास्थ्य केंद्र हाइवे पर नजदीक होने के नाते सड़क हादसे में घायल मरीज ज्यादा आते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में सबको रेफर कर दिया जाता है। भाजपा नेता धूमेंद्र सिंह उर्फ पप्पू यादव कहते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की तैनाती की मांग पर अभी तक सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिलता रहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि जल्द डॉक्टरों की तैनाती न की गई तो अस्पताल में धरना देंगे। उधर, इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. मुलायम सिंह का कहना है कि चिकित्सकों की तैनाती के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है पर सुनवाई नहीं हुई है। सीमित संसाधनों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।