उरई (जालौन)। सपा की अंदरूनी कलह को ठंडा करने के लिए सीएम अखिलेश यादव के दरबार मेें जिले के प्रमुख पार्टी नेताओं को तलब किया गया था लेकिन पार्टी के जिन नेताओं को सांसद ने शिकायतें थी वह सीएम के सामने एक शब्द भी नहीं बोल पाए। बस यही कहते रहे कि अकेले में एक एक कर बुला लो तो हम सब कुछ हकीकत बयां करेंगे।
पार्टी की अंदरूनी कलह को ठंडा करने के लिए सूबे के सीएम अखिलेश यादव ने सांसद घनश्याम अनुरागी, विधायक दयाशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष हाजी सोहराब खान, महामंत्री वीरेंद्र सिंह यादव, इंद्रजीत सिंह यादव, विधानसभा से प्रत्याशी रहे विष्णुपाल सिंह नन्नूराजा, प्रदीप दीक्षित सहित कई प्रमुख लोगों को लखनऊ बुलाया गया था। सीएम अखिलेश यादव के सामने जब कोई कुछ नहीं बोला तो सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि आप एक-एक कर अकेले में सब के मन की पीड़ा जाने तो कुछ दिल का दर्द निकले। मुख्यमंत्री जी बोले आज जो भी बात होगी आमने सामने ही होगी। वैसे मुझे आप सब के गिले शिकवों के बारे में पता है लेकिन लोकसभा चुनाव में किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि पार्टी को सभी एकजुटता के साथ जिताएं। तभी पार्टी के सच्चे सिपाही कहलाओंगे। राजनीति के अलावा जिले के प्रशासनिक अमले के संबंध में भी सीएम अखिलेश यादव ने चर्चा की जिसमें पुलिस की शिकायतें ज्यादा हुईं तो सांसद घनश्याम अनुरागी ने पुलिस की पूरी पैरवी की।