उरई (जालौन)। डॉक्टर ने महिला की आंख में लेंस लगाने की जगह उसका आपरेशन कर दिया। इससे महिला की आंख खराब हो गई। उसने डीएम से शिकायत की तो उन्होंने एडीएम के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। डॉक्टर का कहना है कि उसे जो उचित लगा उसने कर दिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में चिह्नित कालपी के नारायण नेत्र चिकित्सालय में 18 फरवरी को सेवानिवृत्त कर्मचारी रफअत अली खां ने अपनी पत्नी रशीदा बेगम को आंख में लैंस लगवाने के लिए भर्ती किया था। डॉ. एसके सैनी ने आंख में लेंस डालने के तीन हजार रुपये ले लिए और लेंस की जगह आपरेशन कर दिया। जब दूसरे दिन पट्टी खोली गई तो डॉक्टर सैनी बोले मैंने लेंस नहीं डाला बल्कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर दिया। डेढ़ माह बाद रोशनी आ जाएगी लेकिन आंख में दर्द बढ़ता गया। कानपुर के आई सर्जन डॉ. एसबी गुप्ता को दिखाया तो उन्होंने कहा कि जब एक आंख में लेंस पड़ा है तो दूसरे का ऑपरेशन कैसे कर दिया। आंख में संक्रमण फैल गया है, कई दिनों उपचार के बाद अब आंख में राहत मिली। इस मामले की शिकायत सेवानिवृत्त कर्मचारी ने डीएम रामगणेश से की तो उन्होंने एडीएम लोकपाल सिंह व जिला नेत्र चिकित्सालय के वरिष्ठ सर्जन आरपी सिंह से मामले की जांच करने के आदेश दे दिए हैं। डीएम रामगणेश ने जांच टीम को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि पीड़ित महिला की आंख का उपचार जिला नेत्र चिकित्सालय में निशुल्क प्राथमिकता के आधार पर कराएं।