कोंच (जालौन)। जिन उद्यमियों को औद्योगिक आस्थान में उद्योग लगाने के लिये भूखंड आवंटित किए गए और तीन साल से भी अधिक की समयावधि गुजर जाने के बावजूद उद्योग नहीं स्थापित हो सके हैं उन्हें अब अपने प्लॉट खाली करने पड़ सकते हैं। यह संकेत जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एसके चौधरी ने उद्यमियों के साथ बैठक के दौरान दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आवंटित भूखंडों पर या तो उद्योग खड़े करें अन्यथा वे प्लॉट खाली कर दें।
डीआईसी महाप्रबंधक चौधरी ने वर्षों पूर्व किसी न किसी उद्योग के नाम पर भूखंड आवंटित करा रखे हैं लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी उद्योग नहीं प्रारम्भ किए गए हैं। ऐसे लोगों ने यदि उद्योग नहीं प्रारंभ किया तो उन्हें आवंटित भूखंड निरस्त करके अन्य इच्छुक सुपात्रों को दे दिए जाएंगेे। इस दौरान महाप्रबंधक ने उद्यमियों के लिये अनेक सुविधाओं का भी ऐलान किया। कहा कि जिस उद्योग के लिये भूखंड आवंटित किया गया है उसके स्थान पर उद्यमी अगर कोई दूसरा उद्योग लगाना चाहता है तो उसे ट्रेड परिवर्तन की अनुमति मिल सकती है। इसके अलावा यदि उद्यमी अपने भूखंड को किसी अन्य व्यक्ति को उद्योग लगाने हेतु ट्रांसफर करना चाहता है तो औपचारिकताएं पूर्ण करने पर इसकी भी अनुमति मिल सकती है। उद्यमियों की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि मुर्गी पालन या विवाहघर का कार्य औद्योगिक आस्थान में नहीं किया जा सकता है। दांतरे ने जानकारी दी कि औद्योगिक आस्थान में होटल चलाए जाने के प्रस्ताव पर शासन विचार कर रहा है। इस दौरान उद्यमियों ने नाली बनवाने, बाउंड्री वाल बनवाने, रोड लाइट और बिजली की सुचारू आपूर्ति कराए जाने संबंधी मांगें उठाई गईं, जिन पर महाप्रबंधक ने सकारात्मक आश्वासन दिया। अध्यक्षता उद्योग बंधु के सदस्य राधेश्याम दांतरे और संचालन सहायक प्रबंधक डा. सुरेश चंद्र ने किया।