कोटरा। प्रशासन की जारी चेतावनी के बीच गुरुवार देर रात बेतवा नदी में माताटीला बांध से 75,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे नदी उफान पर है। पानी छोड़े जाने से पिछले 12 घंटे में बेतवा नदी का जलस्तर लगभग 10 फीट बढ़ गया है, इससे नदी किनारे किसानों द्वारा बोई गई सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। वही कोटरा से गुरसराय जाने के लिए बनाया गया कच्चा पुल पानी में बह गया। जिससे जिले को झांसी की सीमा को जोड़ने वाला यह रास्ता पूर्णता बंद हो गया।
बता दें कि मध्यप्रदेश व राजस्थान में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से सीमा के बांध लबालब भरे हैं, पिछले कई दिनों से बांधों से पानी छोड़ने का दबाव था। इसे लेकर जिले में भी अलर्ट जारी किया गया था। गुरुवार को माताटीला बांध से बेतवा नदी में 75000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे देर रात से ही बेतवा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। सुबह तक जलस्तर 110 से बढ़कर 114 पर पहुंच गया। जिससे नदी पटटी के निचले इलाकों में पानी भर गया है, कोटरा क्षेत्र में बेतवा पर बना कच्चा पुल भी पानी के साथ बह गया। गौरतलब है कि कोटरा होकर सैकड़ों लोग गुरसराय के रास्ते टीकमगढ़ छतरपुर आते-जाते हैं साथ ही कोटरा के किसानों की नदी पार कछार मौजा में सैकड़ों एकड़ खेती की जमीन है, इससे किसानों को खेती के कामकाज के लिए रोजाना नदी पार कर आना जाना पड़ता है, लेकिन पुल डूबने से आवागमन पूर्णता ठप हो गया। किसानों का कहना है कि यदि इतनी तेजी से नदी का जलस्तर बढ़ता गया तो किसानों की तिलहन की फसल पानी में डूब जाएगी।
नदी पट्टी के गांवों में कराई गई मुनादी
मुहम्मदाबाद। बेतवा नदी के जल आयोग कार्यालय के प्रभारी हीरा लाल ने बताया कि जिले में बेचवा नदी रात एक बजे से बढ़ना शुरू हुई और 114.28 मीटर तक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल बेतवा नदी खतरे के निशान से काफी नीचे है। फिर भी एहतियातन नदी पट्टी के गांवों में मुनादी करा दी गई है।
ऐसे बढ़ा जलस्तर
रात एक बजे-110.07, रात दो बजे-110.50, सुबह चार बजे-111.00, सुबह छह बजे-111.20, सात बजे-112.20, आठ बजे-113.10, दस बजे-113.74, दोपहर 12 बजे-114.13, दोपहर 2 बजे-114.28, चेतावनी बिंदु-121.66 और खतरे का निशान-122.66
बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश
कालपी। यमुना एवं बेतवा नदियों में बाढ़ से निपटने के लिए तहसील के सात तटवर्तीय ग्रामों में बाढ़ राहत चौकियों को स्थापित किया गया है और वहां के ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। एसडीएम जयेंद्र कुमार ने बताया कि बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में पुख्ता इंतजाम कराए हैं। तहसील के परासन, चतेला, इकौना, शेखपुर आदि ग्रामों में बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर दी गई हैं व ग्रामीणों को भी बाढ़ से बचने के लिए जागरूक किया गया है। कोतवाल शिवगोपाल ने बताया कि बांध से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी में जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए इस संकट व संभावित आपदा से निपटने एवं बाढ़ से बचाव के लिए तैराकी की जानकारी रखने वाले 15 लोगों की टीम गठित की गई है। उधर केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी ने बताया कि यमुना अभी भी बेहद धीमी गति से बढ़ रही है, हालांकि अभी भी खतरे की कोई बात नही है। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर 97.73 मीटर मापा गया है। खतरे का निशान 108 मीटर पर है।