उरई (जालौन)। कुठौंद सहकारी संघ में किसानों के खरीदे गए छह सौ बोरी गेहूं की हेराफेरी कर बेचने वाले ट्रक मलिक व चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को कुठौंद पुलिस ने चोरी हुए गेहूं के मामले का खुलासा किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गेहूं चोरी की एफआईआर सचिव ने 29 जून को दर्ज कराई थी, तब से आरोपियों को पकड़ने के लिए कई दबिशें दी जा रही थीं। आरोपियों के कब्जे से 80 हजार रुपये व सरकारी गेहूं की 175 खाली बोरियां बरामद कर ली गई हैं।
बता दें कि एक अप्रैल से जिले में शुरू हुई खरीद को लेकर तहसील व ब्लाक स्तर पर भी किसानों से गेहूं खरीदे के लिए केंद्र खोल गए थे। इसके तहत थाना क्षेत्र की कुठौंद सहकारी संघ में भी खरीद की गई थी। कुठौंद सहकारी संघ के प्रभारी मनोज कुमार ने 29 जून को थाना पुलिस में शिकायती पत्र देकर बताया कि संघ से उसने एक ट्रक में छह सौ बोरी लेबी का गेहूं उरई गोदाम भेजा था, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी अब तक ट्रक चालक माल लेकर उरई नहीं पहुंचा।
जांच के बाद पुलिस ने ट्रक मालिक व चालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। पिछले कई महीनों से पुलिस आरोपियों की धर पकड़ के लिए जिले व औरैया में छापेमारी कर रही थी। बुधवार को पुलिस को सफलता मिली और पुलिस ने दोनों आरोपी ट्रक मालिक मनोज सिंह पुत्र उमा सिह ग्राम सहवाधिया व चालक आलोक पांडे पुत्र शिवदत्त पांडे निवासी सुरान राहतपुर को गिरफ्तार कर लिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों ने सरकारी गेहूं को बोरियों से खाली कर औरैया की मंडी में बेच दिया है। उनके कब्जे से 80 हजार रुपये, तीन मोबाइल व 175 खाली सरकारी गेहूं की बोरिया मिलीं।