सरावन (जालौन)। सरावन और आसपास के इलाकों में आई तेज आंधी और भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा ने बिजली व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके चलते करीब 50 बिजली खंभे उखड़ गए और 37 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगभग 50 हजार की आबादी अंधेरे में डूब गई है और बिजली बहाल होने में दो दिन तक का समय लग सकता है।
गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आए तूफान और भारी बारिश ने सरावन क्षेत्र में खलबली मचा दी। तेज हवाओं के कारण पेड़ और उनकी टहनियां बिजली के खंभों और तारों पर गिर पड़ीं। कई जगह पर बिजली भी गिरी, जिससे दर्जनों खंभे टूट गए। कई जगहों पर खंभों के इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हो गए। उदोतपुरा स्थित 132 केवीए केंद्र से सरावन सब स्टेशन तक जाने वाली 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन कई स्थानों पर टूटकर गिर गई। इससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
जेई राजकुमार ने बताया कि आंधी के कारण एक दर्जन से अधिक स्थानों पर हाईटेंशन लाइन के खंभे गिरे हैं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में भी दर्जनों लो-टेंशन खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली आपूर्ति बहाल करने में कम से कम दो दिन लग सकते हैं।
50 हजार की आबादी परेशान
आंधी और बारिश से बिजली गुल होने से सरावन, बदनपुरा, नारायणपुरा, राजपूरा, खितौली, पड़कुला, दादनपुर, सहाव, भदुआं, मड़ोरी सहित 37 गांव की सप्लाई ठप हो गई। इन गांवों में रहने वाली लगभग 50 हजार की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में न केवल घरों में अंधेरा है, बल्कि पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग, और अन्य दैनिक जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से पानी और किसानों के कामकाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है।