आटा थाना क्षेत्र के सैदपुरा गांव में फूड प्वायजनिंग से 29 बच्चे बीमार हो
गए। सोमवार को प्राथमिक स्कूल के बच्चों के न आने पर शिक्षक उन्हे लेने घर
गया तो घटना का पता चला। जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद बीमार
बच्चों की तबियत में सुधार है। बीमार बच्चों के मुताबिक गांव में कन्या
भोज में खाना खाने के बाद उन्हे उल्टियां शुरू हो गईं।
सैदपुरा गांव में
रविवार शाम कन्या भोज हुआ था। इसमें खाना खाने के बाद गांव के खुशी (3),
राहुल (4), शिवानी(4), विजय(3), रचना(5), रश्मि(2), राखी(3),
मोनिका,राजतिलक(1), आनंद(2), पूजा(3), राधा(1), प्रियंका(3), जानकी(2),
कुवंर (5), नितिन, अमित, खुशबू, सक्षम , बावू, विवेक, किशनजी, कुसमा,
दुर्गा , एकता, रोशनी और तमन्ना समेत करीब
29 बच्चे बीमार हो गए। सोमवार
सुबह शिक्षक भानू यादव ने स्कूल खोला लेकिन बच्चे नहीं आए। इसके बाद वह
बच्चों को लेने उनके घर गए तो घटना का पता चला। इसके बाद भानु यादव ने वैन
से सभी बीमार बच्चों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया । सीएमएस
डाक्टर बीबी आर्या ने बच्चों के इलाज का इंतजाम कराया। उन्होंने बताया कुछ
बच्चे
फूड प्वायजनिंग तो कई बुखार से तप रहे थे। पता चला है जिला अस्पताल
में भर्ती कराए गए सभी बच्चे यूनिफार्म पहने थे। गांव में चर्चा है कहीं
बच्चे मिड डे मील खाने से तो बीमार नहीं हुए । बीमार बच्चों को शिक्षक के
बजाय परिजनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। उधर बीएसए राजेश
कुूमार ने बताया घटना की जांच के लिए एबीएसए
को सैदपुर भेजा गया है। मिड डे
मील में गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीएम आनंद कुमार के
मुताबिक बीएसए से बात की है।चूंकि घटना सुबह नौ बजे के आसपास की है, लिहाजा
एमडीएम खाने से बच्चों के बीमार होने की बात गलत है। फिर भी मामले की जांच
की जा रही है। डीएम रामगणेश ने बताया सारे बच्चे अब ठीक हैं, उनके गांव
में
संक्रमण फैलने की सूचना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सुबह ही गांव
रवाना किया गया था। बच्चे मिड डे मील खाने से बीमार नहीं हुए हैं।
सैदपुरा में फैला फ्लू, मेडिकल टीम रवाना
आटा थाना क्षेत्र के सैदपुरा गांव में बच्चों के साथ ही कई और ग्रामीण भी
बीमार है। जिला अस्पताल आए बच्चाें ने जब यह जानकारी दी तो सीएमओ डाक्टर
आशाराम ने तत्काल गांव में डाक्टराें की टीम रवाना कर दी । उन्होंने बताया
मोबाइल पर जानकारी ली तो पता चला गांव में ज्यादातर लोगा जुकाम- बुखार की
चपेट में है। ग्रामीणों को दवा देना का प्रबंध कर दिया गया है।