शताब्दी महाविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय दृढ़ोमर वैश्य समाज की ओर से बुधवार को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इसमें समाज की 25 गरीब कन्याओं के हाथ पीले किए गए। इस मौके पर एक साथ निकली 25 दूल्हों की बारात भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी। बारात को
देखने के लिए मकानों की छतों और छज्जों पर महिलाओं की भीड़ लगी। विवाह स्थल पहुंचने पर बारातियों ने भी जमकर डांस किया। इसके बाद मंच पर जोड़ों ने एक दूसरे के गले में वरमाला डाली तो उन पर फूलों की बारिश भी की गई। इसके उपरांत एक ही पंडाल के नीचे सभी जोड़ों ने सात फेरे लेते हुए सात
जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें भी खाई। इस दौरान वर वधू को आशीर्वाद देने वालों की होड़ रही।समारोह के मुख्य अतिथि इं. देवकीनंदन (भोपाल) व विशिष्ट अतिथि पूर्व चेयरमैन मऊरानीपुर दयाराम ने संयुक्त रूप से कहा कि सामूहिक विवाह समारोह फिजूल खर्च रोकने का सफल साधन बन
गए हैं। हर एक समाज के लोगों को ऐसे आयोजन कराने चाहिए। समारोह का संचालन हरिकिशोर रिप्पू ने किया। इस मौके पर शिवकुमार इंदौर, आरसी गुप्ता, रामकुमार गुप्ता, अमित बागी, मनोज गुप्ता, रमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
इनका रहा योगदान
कार्यक्रम संयोजक ब्रजकिशोर गुप्ता, इकाई अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, इकाई महामंत्री राजेश आचार्य,कार्यक्त्रस्म सह संयोजक मनोज गुप्ता, कन्हैया लाल गुप्ता कालपी, रविंद्र गुप्ता, रमाकांत गुप्ता, राकेश गुप्ता, ब्रजबिहारी गुप्ता, सुरेश, नितिन, शिवराम आदि का योगदान रहा।
उपहार में ये मिला सामान
जोड़ों को संस्था की ओर से सिंगिल बेड, गददा, बेडसीट, कंबल, शाल, सा?ी, मेकअप किट, सिलाई मशीन, फ्रिज, प्रेस, कुकर, आटा, सेफ, वाटर कूलर, कुर्सी सेट, गैस चूल्हा, एलईडी, कैशराल, दीवार घड़ी आदि उपहार दिए।
ये रहे 25 जोड़े
सुनील गुप्ता संग साक्षी, वीरेंद्र संग खुशबू, सुशील संग स्नेहा, उमेश गुप्ता संग अर्चना, प्रशांत गुप्ता संग पूजा, मनोज संग अंजली, कृष्ण कुमार संग निशा, रवि संग मीरा, अनिल संग अंजना, आशीष संग नेहा, ब्रजमोहन संग लक्ष्मी देवी, योगेंद्र गुप्ता संग उमा देवी, हरनारायन गुप्ता साक्षी, आशीष गुप्ता संग भारती, प्रेमनारायन गुप्ता संग रुपा, प्रदीप कुमार संग, स्वाती,धर्मेंद्र कुमार संग सविता, अमित कुमार संग आरती, राघवेंद्र संग राधा, अजय संग नेहा, शिवम संग वंदना, रामजी गुप्ता संग मोहिनी, दिनेश संग संजना, स्वराज गुप्ता संग अनीता, नरेंद्र कुमार संग स्वाती ने एक दूसरे का दामन थामा।