उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद के बैनर तले प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को विकास भवन में गेट मीटिंग कर प्रदर्शन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि विकास कार्यों को प्रभावित करने के लिए शासन को गुमराह किया जा रहा है। ब्लाक कार्यालय से दो समानांतर विभागों का संचालन न्यायोचित नहीं है। इस दौरान तय हुआ कि मांगे पूरी नहीं की गईं तो 24 जुलाई को अनिश्चित कालीन हड़ताल
व धरना प्रदर्शन किया जाएगा। गेट मीटिंग की अध्यक्षता जिला ग्राम्य विकास अधिकारी व उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद के अध्यक्ष आरएस गौतम ने की। उन्होंने कहा कि विकास का पहिया थमे नहीं चलता रहे। इसलिए जिला पंचायत अधिनियम 1961 का अनुपालन होना चाहिए। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद कुमार चंद्रोल ने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी के पदों पर प्रादेशिक विकास सेवा के लिए
आरक्षित पदों को स्थायी किया जाए। बीडीओ आलोक पांडेय , रमेश चंद्र उदैनियां, मनोज गौतम, देवेंद्र कुमार मिश्रा, हरीराम ओमरे, कपिल ओझा, लोकेंद्र यादव समेत अन्य कर्मचारियों ने गेट मीटिंग को संबोधित किया। इस दौरान वंशराज सिंह, रमेश चंद्र उदैनिया, एके नायक, हरीश कुमार राठौर, गेंदन लाल, संतराम पाल, आरके गोयल आदि मौजूद रहे। जालौन प्रतिनिधि के अनुसार उत्तर प्रदेश ग्राम्य
विकास महापरिषद के प्रांतीय आवाहन पर स्थानीय ब्लॉक परिसर में एडीओ सुरेंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता में गेट मीटिंग आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए आंकिक जेपी गुबरेले ने विकास खंडों की स्थापना के उद्देश्य पर चर्चा की। इस मौके पर राघवेंद्र कुमार शर्मा, पीके कश्यप, वीरपाल सेंगर, जेपी गुबरेले, रामाधार, आरके गोयल, अखिलेश शर्मा, रामहेतु लोधी, राकेश कुमार, दिनेश
श्रीवास्तव, गणेश प्रसाद, दिव्या गोस्वामी, सुनीता देवी, श्यामू, श्रीराम बादल आदि उपस्थित रहे। कालपी प्रतिनिधि के अनुसार यहां आयोजित धरने की अध्यक्षता करते हुए एडीओ समाज कल्याण रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मांगें जब तक पूरी नहीं होती, तो सभी कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। 14 से 18 जुलाई तक सभी कर्मचारी हाथों में काली पटटी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।पीएल कश्यप ने कहा कि
19 जुलाई को संगठन के आहवान पर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। 21 से 23 जुलाई तक कार्य का बहिष्कार करेंगे। 24 को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंग। इस मौके पर मनोज कुमार, जगदीश ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग अनुदान पंचायत विषयक अधिनियम लागू करें, पंचायत अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, ग्राम रोजगार सेवक, ग्राम विकास अधिकारी आदि लिपिकीय पदों पर तैनात कर्मियों के अधिकारों में कटौती न की जाए।संचालन नुसरत अली ने किया।
मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने भरी हुंकार
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद के प्रांतीय आह्वान पर ब्लॉक डकोर कार्यालय में बीडीओ आलोक पांडेय की अध्यक्षता में गेट मीटिंग की गयी। इसमें खंड स्तरीय विकास प्रशासन का सुदृढ़ीकरण एवं 14वें वित्त आयोग के अनुदान का शासनादेश जारी करने की मांग की गयी। बैठक में ग्राम विकास अधिकारी नौशाद अली ने कहा कि इसके लिए विभागीय मंत्री को मांग पत्र सौंपा जा चुका है। सचिव
रमेश उदैनियां ने कहा कि मांग पत्र को लेकर शासन ने उचित फैसला नहीं लिया है। इसे लेकर सभी संगठन ब्लाक स्तरीय धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हैं। इसके बाद संतराम पाल ने कहा कि मांगे पूरी नहीं की गईं तो 24 जुलाई को अनिश्चित कालीन हड़ताल व धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे। बैठक में सचिव गंगाचरन, जगमोहन साहू, फूल सिंह निरंजन, अजय गुप्ता, राजबहादुर कुशवाहा, सुदामा
शरण आदि ने मोटर साइकिल भत्ता, वेतन विसंगतियों को दूर करना, शासनादेश जारी कर प्रत्येक विकास खंड में 2 सहायक विकास अधिकारी व 1 संयुक्त खंड विकास अधिकारी के पदों का सृजन करने की मांग उठाई। बैठक का संचालन सुदामा शरण ने किया। इस मौके पर द्वारिका प्रसाद गुप्ता, नंद किशोर, अजय गुप्ता, नीरज बाबू, जीतेन्द्र कुमार, केदार गुप्ता, स्वतन्त्र गुप्ता, संजय सिंह समेत अन्य ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।
विरोध में 19 को सामूहिक अवकाश
14 से 18 तक काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन होगा। 19 जुलाई को सभी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। 21 से 23 जुलाई तक कार्य बहिष्कार होगा। 24 को अनिश्चित कालीन हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा।
इन संगठनों की आंदोलन में रही सहभागिता
प्रादेशिक विकास सेवा संगठन, ग्राम्य विकास अधिकारी एसोशियेशन, ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोशियेशन, डीआरडीए एंप्लाई एसोशियेशन, आल इंडिया डीआरडीए स्टाफ वेलफेयर एसोशियेशन, उर्दू अनुवादक राज्य कर्मचारी संघ, अर्थ एवं संख्या अधीनस्थ सेवा संघ, मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन, नरेगा तकनीकि सहायक वेलफेयर एसोशियेशन, मनरेगा डिप्लोमा सिविल इंजीनियर्स एसोशियेशन, कंप्यूटर आपरेटर वेलफेयर एसोशियेशन मनरेगा, ग्राम रोजगार सेवक संघ प्रमुख रहे।