उरई। जिले में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या पांच पहुंच गई है। सभी पाजिटिव मामलों में डाक्टर और उनकी पत्नी को छोड़ दें तो किसी से एक दूसरे का कनेक्शन नहीं मिल रहा है। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, तकरीबन 20 लाख की आबादी वाले जिले में अभी तक 600 सैंपल लिए गए हैं।
जिले में जिला अस्पताल के डाक्टर और उनकी पत्नी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद एक निजी अस्पताल का ओटी मैनेजर और एक दुकानदार भी कोरोना पॉजिटिव मिला था। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम ने मोहल्ला कृष्णानगर से ऐसी महिला को खोजा था, जो बीमार चल रही थी। जांच कराने पर वह भी कोरोना पाजिटिव पाई गई। हालांकि, डाक्टर और उनकी पत्नी को छोड़ दे तो इन सभी मामलों में किसी का भी सीधा कनेक्शन नहीं मिल रहा है। निजी नर्सिंग होम में संक्रमित पाए गए डाक्टर जाते जरूर थे, लेकिन यह अभी तक साफ नहीं हुआ कि डाक्टर या ओटी मैनेजर को कैसे संक्रमण मिला। कोरोना कनेक्शन तलाशने के लिए लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं। बावजूद इसके कोई कनेक्शन एक दूसरे से नहीं जुड़ रहा है। संवाद
छह और लोगों के सैंपल लिए गए
उरई। जिला अस्पताल स्थित सैंपल कलेक्शन सेंटर में मंगलवार को 6 लोगों को नमूने लिए गए। इसमें दो लोग संक्रमित पाए गए डाक्टर और निजी नर्सिंग होम से जुड़े हुए हैं, जबकि चार ग्रामीण क्षेत्र के हैं। सैंपल जांच को झांसी मेडिकल कालेज भेजे गए, जबकि सोमवार को लिए गए सैंपल की रिपोर्ट भी नहीं आई थी।
दूधिये के लिए गांव पहुंची टीम
उरई। गांधीनगर मोहल्ले के संक्रमित किराना दुकानदार के यहां दूध देने वाले डकोर क्षेत्र का एक दूधिये की भी मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। संक्रमण का कनेक्शन तलाशने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूधिये को होम क्वारंटीन के निर्देश दिए। टीम की निगाहें दुकानदार के पिता पर हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट अभी लंबित है।
बाहर से आए लोग दें जानकारी : डीएम
उरई। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने चेतावनी दी कि वह लोग जो किसी दूसरे राज्य अथवा जिले से आए हैं और प्रशासन को बिना जानकारी दिए अपने घरों में रह रहे है, जानकारी लगने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें किसी तरह की सरकारी सहायता नहीं दी जाएगी, इसलिए जो लोग भी बाहर से आए हैं, वह सामने आकर जांच कराए।