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Jalaun News: 194 पहुंचे समाधान को, 91 फीसद लौटे बिना निदान के

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उरई। समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को अलग-अलग तहसीलों में पहुंचे सौ फीसद तो छोड़ो दस फीसद फरियादियों को भी फौरन न्याय नहीं मिल सका।
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समाधान के गिरते ग्राफ की यह हकीकत सामने आई, जिसमें 194 फरियादी अधिकारियों के पास पहुंचे थे। इनमें मात्र नौ फीसद को ही तुरंत निस्तारण का लाभ मिला, लेकिन 91 फीसद फरियादी बिना निदान के लौट गए।
समाधान दिवस पर माधौगढ़ तहसील में डीएम राजेश कुमार पांडेय व एसपी ईरज राजा ने 98 शिकायतों में मात्र पांच का तुरंत निस्तारण किया। उरई में एसडीएम अभिषेक कुमार ने 38 में दो का समाधान किया। कालपी में सीडीओ भीमजी उपाध्याय और एसडीएम हेमंत पटेल ने 26 में पांच का समाधान किया। कोंच में एएसपी असीम चौधरी और एसडीएम अतुल कुमार ने 17 में दो का समाधान किया। जालौन में एसडीएम सुरेश कुमार व सीओ रामसिंह 15 शिकायतों में मात्र तीन का ही निस्तारण मौके पर कर पाए।
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जालौन तहसील में सुधीर पुरवार, पंकज पुरवार निवासी मोहल्ला कटरा ने अवैध रूप से अतिक्रमण करने की शिकायती दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि वह दो माह से शिकायत कर रहे हैं, फिर भी समाधान नहीं मिला।

माधौगढ़ तहसील में बंगरा निवासी हरिओम ने बताया कि वह अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र न बनने से परेशान हो रहे हैं। लेकिन कई दिन चक्कर काटने के बावजूद प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं।

कोंच तहसील में जमरोही कलां निवासी सुनीता ने शिकायत में बताया कि गांव में आम रास्ते में कच्ची दीवार बनाकर कुछ लोगों ने रास्ता बंद कर दिया और सरकारी हैंडपंप पर कब्जा कर लिया।
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माधौगढ़। तहसील परिसर में डीएम और एसपी शिकायत सुन रहे थे और डीएफओ जेपीएन तिवारी सोने की मुद्रा में नजर आ रहे थे। इसको लेकर तहसील परिसर में फरियादी काफी चर्चा करने लगे। उनका कहना था कि जब अधिकारी समाधान दिवस में सोएंगे तो हमारी कौन सुनेगा। कुछ फरियादी वन विभाग से जुड़ी शिकायतें लेकर भी आए थे। डीएफओ जेपीएन तिवारी ने बताया कि समाधान दिवस में सभी फरियादियों की शिकायतें सुनी हैं। मैं सो नहीं रहा था।
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