उरई (जालौन)। अमर उजाला के महा अभियान अपराजिता 100 स्माइल्स के अंतर्गत राठ रोड स्थित विनायक एकेडमी स्कूल में नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली गई। कालेज के प्रधानाचार्य देवेंदु त्रिपाठी ने कहा कि आज बेटी और बेटों में अंतर खत्म होता जा रहा है। बेटियां भी सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही हैं। बेटियों को चाहिए कि वे घर हो या बाहर किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त न कर उसके खिलाफ आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। जरूरत है तो सिर्फ अपने अधिकारों को समझने और उन्हें हासिल करने के लिए संघर्ष की। छात्राओं ने अपराजिता का बैनर हाथ में लेकर नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ लेते हुए कहा कि घर हो या कार्यस्थल, त्योहार व धार्मिक आयोजनों समेत जीवन के हर आयाम में वो और उनका परिवार नारी गरिमा के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से काम करेगा। कहीं पर भी नारी का अपमान होने पर आवाज बुलंद की जाएगी। इस दौरान मीनल त्रिपाठी, बृजकिशोर, सुसमा याज्ञिक, अंशुल गुप्ता, कल्याण सिंह, सुधीर याज्ञिक, सुमन गुप्ता, नीतेश मिश्रा, महेंद्र यादव, दीक्षा गुप्ता, गौरव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
नारी शक्ति को मिली पहचान
छात्रा मनु का कहना है कि अपराजिता के माध्यम से नारी शक्ति को एक नई पहचान मिल रही है। जिससे हम बेटियों को भी बहुत कुछ सीखने को मिला है।
मन की बात कहने का मौका मिला
छात्रा रोहिणी ने कहा की अपराजिता के माध्यम से हम बेटियों को भी अपने मन की बात कहने का उचित मंच मिल रहा है। प्रयास सराहनीय है।
घरों में भी समाप्त करें फर्क
छात्रा पलक के मुताबिक लोग बाहर तो बेटा बेटी में कोई फर्क नहीं करते हैं लेकिन जब अपने घर पहुंचते हैं तो उनका व्यवहार बदल जाता है ऐसा नहीं होना चाहिए।
भविष्य का अच्छा संकेत
छात्रा जाह्नवी का कहना है कि शिक्षा हो या खेल कूद हर क्षेत्र में बेटियां बेटों से आगे निकल रहीं है। यह भविष्य के लिए अच्छा संकेत हैं।