उरई। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के साथ हुई अभद्रता से गुस्साए सपाई सड़कों पर उतर आए हैं। पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं न सिर्फ कोतवाल शिव गोपाल की गाड़ी रोककर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की बल्कि कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर ही सीएम के पुतले को एक नहीं दो-दो बार जलाया। कार्यकर्ताओं की पुलिस से हाथापाई भी हुई। सपाइयों के तीखे तेवरों के आगे पुलिस भी बेबस दिखी। आखिर में सपाइयों ने कोतवाल को ज्ञापन भी दिया।
बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मंगलवार को अधिकारियों की ओर से की गई अभद्रता का मामला तूल पकड़ते ही जनपद के सपाई उग्र हो उठे। दोपहर करीब 1 बजे के आसपास अचानक जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुरेंद्र मौखरी के साथ सपाई कोतवाली के सामने पहुंचकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सभी पार्टी कार्यकर्ता चंद कदम की दूरी पर स्थित शहीद भगत सिंह चौराहे पर पहुंचे और सीएम के पुतले को फूंकने का प्रयास किया।
इस पर सिपाहियों की सपाइयों से हाथापाई भी हुई लेकिन आखिर में सपाइयों ने पुतले को आग के सुपुर्द कर दिया। इस पर पुलिस सपाइयों को किसी तरह लेकर कोतवाली पहुंची। अभी पुलिस सांस ले ही रही थी कि तभी जिला पंचायत सदस्य दीपराज गुर्जर और पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया ने 40-50 समर्थकों के साथ भगत सिंह चौराहे पर सीएम का पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए कोतवाली की ओर बढ़े।
इस पर कोतवाल शिवगोपाल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो सपाई बिफर गए और उनकी जीप के आगे सड़क पर लेटकर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से सपाइयों को हटाया। इसके बाद भी सपाई गांधी चबूतरे पर डटे रहे। काफी देर चले हो हल्ले के बाद सपाइयों ने कोतवाल शिव गोपाल को ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। हंगामे के कारण मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों को रास्ता बदलकर आना जाना पड़ा। इस दौरान टिंकू, तारिक, सलमान सिद्दकी, फरतउल्ला, दिनेश जैसारी, इमरान उल्ला, जीवन वाल्मीकी महेन्द्र कठरिया, देवेंद्र यादव, जयवीर यादव, शफीकुरर्हमान, मिर्जा साबिर बेग, हरेंद्र सिंह, शादाब खान, आदि रहे।