जालौन। राम नाम अति मीठा, कोई गा के देख ले, आ जाते हैं राम, कोई गा के देख ले। यह पंक्तियां जालौन स्थित पुराना अस्पताल मैदान पर चल रही भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास पुरुषोत्तम शरणजी महाराज ने श्रद्धालुओं को सुनाईं।
उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रेम करने वाले भक्तों को भगवान बिन मांगे ही वह सब कुछ दे देता है, जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता। व्यक्ति जैसे कर्म करता है, वैसा ही फल उसे प्राप्त होता है। इसलिए व्यक्ति को हमेशा ही सद्कर्मों को करने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। इस दौरान कथा व्यास ने उद्धव गोपी संवाद, कृष्ण रुक्मिणी विवाह का वृत्तांत भी भगवत प्रेमियों को सुनाया। इस दौरान परीक्षित रामश्री सोनी, अनिल सोनी, हरिशंकर सोनी आदि उपस्थित रहे।
उधर, रामपुरा के जवाहर नगर में चल रही भागवत कथा में भगवान को थाली में सजाकर छप्पन भोग लगाया गया। कथा व्यास सतीश अवस्थी ने कहा कि पृथ्वी से क्षमा, वायु से समानता और आकाश से तटस्थता के गुण सीखने वाला है। व्यक्ति को जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए, यहीं अच्छे कर्म उसके सुख को बढ़ाते हैं। किसी की बुराई कभी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह मनुष्य को लोगों से दूर ले जाती है। हम जो करें, जैसा भी करें, उसे भगवान को समर्पित कर दे। कहीं पर भी भागवत कथा हो रही हो तो उसे सुनने जरूर जाएं। इस मौके पर परीक्षित साधना राजेश द्विवेदी, बृजेंद्र द्विवेदी, आशू महाराज, गौरव द्विवेदी, जीतू द्विवेदी आदि मौजूद रहे।