कदौरा (जालौन)। क्षेत्र में तीन दिन पहले आई तेज आंधी से करीब आधा दर्जन गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। बत्ती गुल होते ही गांवों में बिजली के साथ-साथ पेयजल संकट भी गहरा गया है। तीन दिन बाद भी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने गांवों की सप्लाई को ठीक नहीं किया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर एकत्रित होकर बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर जल्द सप्लाई व्यवस्था ठीक न हुई तो ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे।
बता दें कि छह जून की शाम अचानक मौसम ने करवट बदलने पर तेज आंधी के साथ क्षेत्र में ओले गिरे थे। तेज आंधी की वजह से क्षेत्र में करीब एक सैकड़ा पोल धराशाई हो गए थे। जिससे क्षेत्र के ग्राम चंदरसी, नगवां, चतेला, हेमनपुरा, पथरेहटा, बसरेही, समसी, कानाखेड़ा, पंडौरा, नाका, भेड़ी, बड़ागांव आदि गांवों में अंधेरा छा गया। पोल व लाइनों के टूटने के बाद ही ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी थी, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों ने लापरवाही दिखाते हुए कस्बे की सप्लाई ठीक नहीं की। इससे गांवों में बिजली के साथ साथ पीने के पानी का संकट गहरा गया है। गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ रहा है।
शनिवार को गांव के लोगों के सब्र का बांध फूट पड़ा और दर्जनों ग्रामीण मुख्य मार्ग पर एकत्रित हो गए। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीण लालता, नरेश, श्याम बिहारी, मुकुंदी लाल, नृपत सिंह, सोहनलाल, तस्लीम, नुरुल हसन, जाकिर खान, फ हीम खान, इसरार, जनक सिंह आदि ने बताया कि बिजली न आने के कारण हम लोग पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। घर में रखे टीवी फ्रि ज कूलर आदि शोपीस बने हुए है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे है और लाइनमैन भी कोई सुनवाई नहीं कर रहे है। भीषण गर्मी व उमस के कारण बच्चे बूढ़े बीमार पड़ रहे है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत डीएम से की है। वहीं इस संबंध में अवर अभियंता गुलाबचंद्र पाल ने कहा कि तेज आंधी से 80 विद्युत पोल टूटे है जिनमें दो दर्जन पोलों को लगवा दिया है और बाकी का कार्य तेजी से चल रहा है। 24 घंटे के अंदर विद्युत आपूर्ति बहाल हो जाएगी।