महेबा (जालौन)। बुंदेलखंड के पहले पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में अब रंगरूटों के बूटों की थाप सुनाई देने लगी है। हालांकि अभी भी केंद्र में कुछ कमियां रह गई है, फिर भी प्रथम सत्र का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। सेंटर में करीब 800 रंगरूटों को ट्रेनिंग की व्यवस्था हैं, फिलहाल अभी 93 रंगरूटों की ट्रेनिंग शुरू हुई है। वहीं पीटीसी के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में भी काफी उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है देर से ही सही पीटीसी के शुरू होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।
बता दें कि वर्ष 2003 में जिले में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बनाने की कवायद शुरू हुई थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता व तत्कालीन सरकार के विशेष रुचि न लेने से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। दो वर्ष बाद 2005 में पीटीसी के लिए जगह का चयन हो पाया। यूं तो जिले के अधिकारियों ने पीटीसी के लिए जिले में कई जगहों को चिह्नित किया था, लेकिन अंत में महेबा ब्लाक के मगरौल में पीटीसी बनना तय हुआ। भूमि की चयन प्रक्रिया के बाद ही यहां निर्माण कार्य को हरी झंडी मिल गई और निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। करीब दस वर्षों से यहां निर्माण कार्य चल रहा है।
इस दौरान पीटीसी में कई बार बजट के अभाव में काम बंद रहा, पर 2017 प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही एक बार फिर इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारी दौड़ते नजर आए। बजट के साथ-साथ लगातार आला अधिकारी इसके निर्माण कार्य का निरीक्षण करते रहे। कई बार मंडल के अलावा मुख्यालय स्तर के अधिकारियों ने भी इसका निरीक्षण कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बीते सप्ताह इसका शुभारंभ लखनऊ से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डीजीपी ओपी सिंह ने किया। इसके शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पीटीसी के साथ उनके क्षेत्र का भी विकास तेजी से होगा और यहां विकास व रोजगार जैसी समस्या खत्म हो जाएगी।
दो बैरक व पावर हाउस भी बनेगा
प्रोजेक्ट के हिसाब से यहां 800 रंगरूटों के रहने से लेकर ट्रेनिंग तक के इंतजाम होने थे, लेकिन फिलहाल 600 सौ रंगरूटों के लिए ही इंतजाम हो पाया है। इसमें अभी दो बैरकों का निर्माण होना बाकी है। अधिकारियों की मानें तो जैसे ही बजट मिलेगा इसे पूर्ण करा दिया जाएगा। इसके अलावा इसमें एक पावर हाउस भी तैयार होना है।
इंचार्ज सहित 22 अधिकारियों की हुई तैनाती
पीटीसी की व्यवस्थाओं को सुचारु किया जा सके। इसके लिए शासन ने पीटीसी में इंचार्ज के रूप में आईपीएस अधिकारी राधामोहन भारद्वाज की तैनाती की है। इसके साथ 22 अधिकारियों की भी पोस्टिंग कर दी गई है। जिससे की प्रशिक्षण कार्य में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
विभिन्न जनपदों से आएंगे रंगरूट
पीटीसी के अधिकारियों ने बताया कि महीने दो महीने के भीतर ही बाकी के रंगरूट भी आ जाएंगे। आने वाले रंगरूट गाजियाबाद, बागपत और बुलंदशहर के भी हो सकते हैं। रंगरूटों के लिए खेल और परेड का मैदान भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा उनके लिए हल्के फुल्के मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
मिलेगी सड़क, बाजार और बिजली की सुविधा
पीटीसी चालू होने के बाद अब इलाकाई लोगों को उम्मीद है कि क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा। हरनारायण सिंह महेबा, वीरसिंह खैरई व मगरौल के विमल कुमार का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में बाजार, सड़क और बिजली की व्यवस्था मेें भी सुधार होगा। जिससे क्षेत्र के लोगों को काम भी मिलेगा।