अमर उजाला के महाभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की ओर से बजीदा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नारी सम्मान पर गोष्ठी हुई। जिसमें वक्ताओं ने पर्यावरण सुधार के लिए पेड़ पौधों के महत्व पर प्रकाश डाला और फिर विश्व पर्यावरण सप्ताह के तहत पौधरोपण किया। इसके बाद सभी ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा दुबे ने कहा कि आज की नारी कमजोर नहीं बल्कि खेल से लेकर शिक्षा के क्षेत्र तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। कई महिलाएं आज डीएम, कमिश्नर और डाक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इसलिए गांव-कस्बों की महिलाओं को अब जागरूक होना होगा और फिर अपनी बेटियों को पढ़ा लिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत रहें। पर्यावरण के संदर्भ में कहा कि पेड़ पौधों की कमी से ही पर्यावरण असंतुलन बना है।
इसलिए सभी प्रयास करें कि सप्ताह नहीं तो हर माह कहीं न कहीं एक पौधा अवश्य लगाए। डॉ. विकास चतुर्वेदी ने भी महिलाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी को देवी का स्वरूप यूं ही नहीं कहा गया है। नारी में अपार शक्ति निहित है, आवश्यकता सिर्फ उस शक्ति को पहचानने की है। फिर कोई बाधा सामने नहीं टिक सकती है। इसके उपरांत संगठन से जुड़े लोगों ने अपराजिता का बैनर थामकर नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली। इस दौरान डॉ. रचना श्रीवास्तव, रंजना वर्मा, शुभांशी त्रिपाठी, सुरेंद्र शर्मा, डॉ. रमणीक श्रीवास्तव, जयनारायण चंसौलिया, अवधेश पांडे, शशिकांत, श्यामजी व रामलला उपस्थित रहे।