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पापा कहते थे बड़ा नाम करेगा

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उरई/कालपी (जालौन)। एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेयूटी) के सोमवार को घोषित हुए राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा में एमसीए में कदौरा के यश पुरवार ने 98.41 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। खुशी से लबरेज यश के पिता सुशील पुरवार का कहना है कि उन्हें पता था कि उनका बेटा एक दिन जरूर उनका नाम रोशन करेगा। आज वह दिन आ भी गया, जब पूरी कदौरा ही नहीं बल्कि दूर-दूर से नाते रिश्तेदारों के फोन बधाई देने के लिए घनघना रहे हैं।
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सोमवार की देर शाम जैसे ही यश की सफलता की खबर उसके घर पहुंची तो बधाई देने वालों का तांता लग गया। दोस्तों ने यश को गोद में उठाया तो माता पिता ने बेटे के माथे पर टीका कर उसका मुंह मीठा कराया। सोमवार की शाम से ही उसे शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है। अपनी साड़ी के पल्लू से आंखों से बहने वाले खुशी के आंसुओं को पोंछते हुए यश की मां अनीता ने भरे गले से कहा कि बेटे की लगन ने ही उसे सफलता दिलाई। हम माता पिता ने भी उसकी इच्छा शक्ति को देखते हुए कलेजे पर पत्थर रखकर आठ साल पहले कक्षा नौ से पढ़ने के लिए उसे कानपुर भेज दिया था। यश ने कानपुर स्थित जुगलदेवी कालेज से 2013 में हाईस्कूल की परीक्षा 84 फीसदी और इंटर की परीक्षा 2015 में 72 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी।

कोचिंग के साथ सोशल मीडिया भी बनी मददगार
यश ने बताया कि कानपुर में कोचिंग के साथ उसने अपनी एमसीए की पढ़ाई के लिए यू ट्यूब (सोशल मीडिया) की भी पूरी मदद ली। कोचिंग से लौटने बाद जब भी पढ़ाई में दिक्कत आई तो उसने मोबाइल का सहारा लिया और फिर यू ट्यूब को होम ट्यूटर मानकर अपनी पढ़ाई से संबंधित समस्या का समाधान भी निकाला। यश के मुताबिक उसे तो कभी पढ़ाई के लिए आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन उसकी तरह और भी छात्र छात्राएं जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उनके लिए इतना ही कहना चाहूंगा कि सोशल मीडिया की अच्छाई को अपना कर भी अपनी मंजिल हासिल की जा सकती है। यश का कहना है कि अब अपने साफ्टवेयर इंजीनियर बनने के सपने को साकार करने में जुटेगा।
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बहन पूर्वी लाई घर में दोहरी खुशी
यश ने बताया कि उसके साथ उसकी बहन पूर्वी ने भी बीटेक गर्ल्स में 423वीं रैंक हासिल की है। दोनों भाई बहन की सफलता से पापा-मम्मी को बेहद खुशी हुई है। मोहल्ले वाले भी सोमवार की शाम से पापा को पुरवार जी वाह क्या बात है, दोनों बच्चे सफल हो गए, अब तो पार्टी कराएं। कहकर बधाई दे रहे थे। रात भर में पापा मम्मी ने न जाने कितने बार हम दोनों भाई बहनों को अपने गले से लगाया होगा और न जाने कितनी बार हमारा माथा चूमा होगा। वाकई पापा मम्मी को इतना खुश देकर उसे भी भाई बहन की सफलता पर दूनी खुशी महसूस हो रही है।
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