कोंच (जालौन)। अपने लंबे राजनीतिक सफर में पालिका सभासद से विधायक और फिर सांसदी तक का सफर तय कर चुके जालौन-गरौठा-भोगनीपुर सांसद भानुप्रताप वर्मा के बड़े कद को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी के नए मंत्रिमंडल में भानु को दलित कोटे से मंत्री पद मिल सकता है। भानु पांचवीं बार सांसद बने हैं। आजादी के बाद से ही सिर्फ एक बार इंदिरा गांधी की कैबिनेट में रामसेवक चौधरी को छोड़ कर किसी भी सरकार में इस अति पिछड़े जनपद को अब तक महत्व नहीं दिया गया। लिहाजा भानु की पांचवीं जीत से पार्टी समर्थकों को लग रहा है कि भानु को केंद्र के मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।
देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में जालौन जनपद को आजादी के बाद से ही महत्व नहीं दिया जाना यहां के लोगों में टीस पैदा करता है। अस्सी के दशक में पांचवीं लोकसभा के लिए तीसरी बार सांसद बन कर पहुंचे रामसेवक चौधरी को इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में स्थान मिला था लेकिन इसके बाद से आज तक किसी सांसद को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया।
जालौन सीट से पांचवीं बार प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार सांसद भानुप्रताप वर्मा देश के ईमानदार सांसदों की सूची में शामिल है। इलाके में उनके और उनके परिवार का सादा जीवन लोगों के बीच उनकी साफ सुथरी छवि को और मजबूत करता है। 2011 में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे सांसद भानुप्रताप ने पार्टी के दलित मोर्चा को मजबूती देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी सांसदों का रिपोर्ट कार्ड अगर देखा जाए तो भानु सब पर भारी पड़ते हैं। इस बार जब जीत हार का आंकड़ा तीस से चालीस हजार के बीच माना जा रहा था, उस वक्त भी भानु ने डेढ़ लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है। ऐेसे में उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने पर किसी को आश्चर्य भी नहीं होगा।