उरई। जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। रही सही कसर हाल ही में आए प्रदेश सरकार के बजट ने पूरी कर दी है। जिससे अधिकारियों के जिले में एक और नए थाने के साथ-साथ दो चौकियां खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। एसपी अरविंद चतुर्वेदी का कहना है कि शासन को थाने चौकियों का प्रस्ताव भेज दिया गया है, जल्द ही उसे हरी झंडी भी मिल जाएगी।
बता दें कि बीते एक दशक में जनपद का तेजी से विस्तार हुआ है। कई नई बस्तियां बसीं और साथ ही बाजार, चौराहों की संख्या में भी इजाफा हुआ। इस कारण पुलिस की भी आवश्यकता बढ़ गई है, क्योंकि दूरदराज के इलाकों में थाने चौकी से पुलिस के पहुंचने में समय लगता है, जिससे अपराधियों के हौसले दिन प्रतिदिन दिन बढ़ रहे हैं।
इसे देखते हुए अधिकारियों के प्रस्ताव पर शासन ने फिलहाल दो नई चौकियां खोलने की सहमति पर मोहर भी लगा दी है। जल्द ही डकोर के काबिलपुरा व कालपी कोतवाली के शेखपुरा गुढ़ा में पुलिस चौकियां खोलकर कानून व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो डकोर व कालपी दोनों ही थाने सीमा जिलों के थाने हैं, इसलिए ही नई चौकियां इन दोनों थानों में ही खोली जाएंगी।
एसपी के मुताबिक कोंच कोतवाली की सीमा आने वाले भेड़ क्षेत्र के लिए काफी समय से थाने की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए शासन को भेड़ के लिए थाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। जिससे पुलिसिंग में काफी मदद मिलेगी और अपराधियों में भी भय व्याप्त होगा। बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जल्द ही नए डिवाइडर भी सड़कों पर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को जाम से निजात मिल सके। इसके अलावा रात की गश्त के लिए ड्रैगन लाइटों की भी व्यवस्था की जा रही है, ये लाइटें अधिकारियों के अलावा यूपी 100 की गाड़ियों में भी मौजूद रहेंगी।
जिले को मिले 257 सिपाही
एसपी ने बताया कि जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए भेजी गई मांग के अनुसार 255 सिपाही भी दिए गए हैं। जिनमें 55 महिला सिपाही भी शामिल है। फिलहाल इनमें से अधिकांश सिपाहियों की ड्यूटी प्रयागराज के कुंभ मेले में लगी है, वहां से खाली होते ही उन्हें जनपद के थानों और चौकियों में तैनात कर गश्त में तेजी लाई जाएगी।