जालौन। सहाव में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा वाचक हर्षिता किशोरी तथा कथा परीक्षित रमाकांत पांडेय की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे बाजे के साथ निकली कलश यात्रा में भजन कीर्तन की धुन पर श्रद्धालु थिरकते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा गांव के मुख्य मार्गों पर स्थित विभिन्न मंदिरों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।
कथा वाचक हर्षिता किशोरी ने पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन में सुखों का संचय करने वाली होती है। पूरे मनोयोग के साथ कथा श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन हो सकते हैं। श्रीमद्भागवत में तमाम ऐसी कथाएं हैं, जो हमें प्रेरणा देती है
और कलियुग में जीवन को कलात्मक ढंग से जीने का मार्ग प्रशस्त करती है। भागवत कथा अमृत सामान है, तभी मोक्ष प्राप्ति के लिए राजा परीक्षित अपने जीवन के अंतिम सात दिन कथामृत श्रवण कर बिताया और पुण्य के भागी बने और उन्हें भी मोक्ष मिला। इस दौरान सुरेंद्र दुबे, नीलू तिवारी, शिवम, शशिकांत, प्रवीण, नवीन, बृजमोहन, अरुण, पवन, बालजी गुर्जर व राजेंद्र आदि मौजूद रहे।