उरई। अमृत योजना-फेज थ्री के तहत शहर की एक बड़ी आबादी को इस साल पानी की किल्लत, धीमे और गंदे पानी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। जल निगम की मदद से जल संस्थान 140 किलोमीटर पानी की पाइप लाइन बदलने जा रही है। इसके साथ ही चार पुराने नलकूपों को रिबोर कर उनके भूमिगत पाइप बदले जाएंगे। इसको लेकर शासन और जल निगम से मंजूरी मिल गई है। अब खर्च का आकलन पूरा होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शहर में पानी की समस्या से सबसे ज्यादा बजरिया, तिलक नगर, सूर्य नगर, विजय नगर, बल्लभ नगर, चंद्र नगर, तुलसी नगर आदि की करीब 60 हजार की आबादी जूझती है। उनके मोहल्लों में जो पेयजल लाइन पड़ी थी, वह करीब 35 साल पुरानी है। जबकि, उस पानी की पाइप लाइन की गुणवत्ता 25 साल तक ही ठीक मानी जाती है। जल संस्थान ने इस लिहाज से दस साल अधिक समय तक पाइप लाइन से 13 हजार घरों को पेयजल सप्लाई किया। इस वजह से कभी धीमा पानी आने से तो कभी गंदा पानी आने से लोग परेशान रहते हैं। लीकेज होने की वजह से कई बार लोगों को पानी ही नहीं मिलता और इस वजह से उन्हें भटकने को मजबूर होना पड़ता था। इसके साथ ही बघौरा, कबीन नगर, कांग्रेस दफ्तर के पास, गीता आश्रम के पास के चार पुराने नलकूपों को रिबोर किया जाएगा। उनके अंडर ग्राउंड पाइपों को बाहर निकाला जाएगा और उनके स्थान पर नए पाइप भूमिगत किए जाएंगे।
पूर्व में पास 198 करोड़ के बजट में शामिल किया जाएगा प्रस्ताव
-अमृत योजना फेज-थ्री के तहत शासन को भेजे गए 198 करोड़ के बजट के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इसी योजना में नई प्रस्ताव के काम को भी शामिल किया जाएगा। पुराने में 400 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाने का प्रस्ताव था। इसके साथ ही 13 टंकियां. 14 नलकूप व भूमिगत टैंक बनाने का काम किया जाना है।
वर्जन-
शहर की जर्जर पुरानी लाइन को बदलने के लिए जलनिगम को रिपोर्ट भेजी थी। इसका प्रस्ताव पास कराने के लिए जल निगम ने शासन को भेजा था। जो पास हो गया है। -श्याम बहादुर, अवर अभियंता, जलंस्थान
जलसंस्थान ने जो रिपोर्ट भेजी थी। उसे अमृत योजना फेज -3 में शामिल कर शासन को भेजा गया था। इसका बजट पास हो गया है। जल्द टेंडर के बाद काम शुरू होगा। -अनमोल अवस्थी, जेई, जलनिगम