कालपी (जालौन)। भारतीय जनता पार्टी ने लगातार सातवीं बार जालौन गरौठा भोगनीपुर संसदीय सीट से भानु प्रताप वर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इससे पूर्व भानु प्रताप छह बार लोकसभा का चुनाव इसी सीट से लड़ चुके हैं, जिसमें चार मर्तबा उन्हें जीत हासिल हुई। इसके अलावा भानु सभासद व विधायक भी रह चुके हैं। कुल मिलाकर उन्होंने सभासदी से जो राजनीतिक सफर शुरू किया वह 2019 की सांसद की टिकट तक जारी बना हुआ है।
1989 में कोंच नगर पालिका के भाजपा से सभासद चुने गए और इसी दौरान जनपद के कद्दावर भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री बाबूराम एमकाम का साथ मिला और 1991 में उस समय की सुरक्षित कोंच विधानसभा से भाजपा का टिकट भानु को मिला। वह पहली बार में ही विधायक भी चुन लिए गए। 1996 में तत्कालीन भाजपा सांसद गयाप्रसाद कोरी के निधन के बाद उन्हें लोकसभा का पहली बार टिकट मिला।
यहां भी भानु नेतृत्व की कसौटी पर खरे उतरे और पहली बार में ही वह सांसद बन गए। उधर बाबूराम एमकाम (दादा) उरई सदर सीट से विधायक बनते रहे। दादा और भानु की जोड़ी लखनऊ से दिल्ली तक हिट मानी जाती रही। 1998 में फिर लोकसभा का चुनाव हुआ तो भानु ने लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की।
हालांकि इसके बाद 1999 के हुए लोकसभा चुनाव में वह तत्कालीन बसपा के प्रत्याशी बृजलाल खाबरी से मामूली अंतर से चुनाव हार गए। इसके बाद फिर 2004 में नेतृत्व ने उन्हीं पर भरोसा कायम रखा तो उन्होंने तीसरी जीत दर्ज की। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भानु दूसरी बार तत्कालीन सपा के घनश्याम अनुरागी से चुनाव हार गए। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें फिर से टिकट दिया और उन्होंने मोदी लहर में शानदार जीत दर्ज की।