जालौन। बेटी खुदा की रहमत है, पैदा होने पर खुशियां मनाओ। बेटियां तो अल्लाह का दिया हुआ तोहफा है। इसलिए बेटी होने पर अल्ला का शुक्रिया अदा करो। यह बात जश्न ए गरीब नवाज के मौके पर हजरत सूफी सैय्यद फैजानुल हक साहब सिराजी बशीरी ग्वालियर ने अकीदतमंदों से कही।
ख्वाजा गरीब नवाज की विलादत पर जश्न-ए-गरीब नवाज की रोजा महफिल ए मिलाद व कव्वाली का प्रोग्राम तकिया मैदान पर हुआ। महफिल की जेरे सरपरस्ती करते हुए ग्वालियर से आए हजरत सूफी सैयद फैजानुल हक साहब सिराजी बशीरी ने अकीदतमंदों से कहा कि बेटी खुदा की रहमत है, पैदा होने पर खुशियां मनाओ। बेटियां तो अल्लाह का दिया हुआ तोहफा है। इसलिए उन्हें आफत न समझो बल्कि इसके लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा करो कि उसने तुम्हें बेटी अता की है।
उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले यह देख लो कि आपके गरीब पड़ोसी ने खाना खाया है कि नहीं। अगर नहीं तो पहले उन्हें खिलाओ फिर आप खाओ। उन्होंने बच्चों को बेहतर से बेहतर तालीम देने की भी नसीहत दी। इसके अलावा उलमाओं ने ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी पर रोशनी डाली। रात में महफिल ए कव्वाली का आयोजन किया गया। जिसमें कव्वाल सलीम झनकार ग्वालियरी ने ख्वाजा गरीब नवाज की शान में रुहानी कलाम पेश किए। इस मौके पर सूफी निजाम मेंबर, सूफाी नासिर, सूफी इरशाद, सूफी फीरोज बाबा, सूफी सफाअत उल्ला, सूफी आरिफ बाबा, सूफी इखलाख, सूफी जीशान, सूफी मुन्ना आदि मौजूद रहे।