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कोहरा न पड़ने से फसलों पर संकट, किसान परेशान

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उरई। जनवरी माह का दूसरा सप्ताह बीतने को है, पर अभी तक कड़ाके की सर्दी के साथ कोहरे की चादर देखने को नहीं मिली। इससे जहां मौसम वैज्ञानिक चकित है वहीं किसान भी परेशान हैं। सुबह से निकलने वाली धूप दोपहर के वक्त काफी तेज हो रही है। जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका दिखाई दे रही है। कोहरा न पड़ने से गेहूं, मटर आदि की फसलों में दाने कम पड़े हैं।
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जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर उपज घटने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि डीजल और बीज आदि के दाम बढ़ने से पिछले साल की अपेक्षा इस बार बुआई में खर्च अधिक आया था। इसके साथ ही फसलों में कई तरह की कीट भी लगी है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आरके सिंह का कहना है कि दिन में तेज धूप और रात में गलन हो रही है। किसानों को चाहिए कि समय समय पर फसलों पर कीटनाशक का प्रयोग कर मौसम के दुष्प्रभाव से बचने का प्रयास करें।


सरावन प्रतिनिधि के अनुसार, रबी के सीजन में गेहूं की फसल अधिक की जाती है। बारिश अच्छी होने से उम्मीद थी कि गेहूं की उपज अच्छी होगी। समय से बुआई भी हो गई, लेकिन अब जनवरी माह बीतने को है और मौसम का मिजाज फसलों के लिए ठीक नहीं दिख रहा है। जिससे तरह तरह के कीट फसलों में लग गए है। जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसान देवेंद्र, अनिल, रामकली, राकेश आदि का कहना है कि अगर एक दो दिन में कोहरा नहीं पड़ता है तो इस बार भी फसलों में नुकसान होगा।
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आटा प्रतिनिधि के अनुसार, आटा क्षेत्र में समतल भूमि व उपजाऊ मिट्टी होने की वजह से अधिकांश क्षेत्र में चना व मटर की फसल बोई गई है। दिसंबर तक का मौसम ठीक रहा पर जनवरी माह किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें लेकर आया है। कोहरा और ठंड न पड़ने पर तेज धूप के कारण मटर व चने की फसल का दाना चटक रहा है। किसान बीरू तिवारी, बबलू तिवारी, लाखन सिंह, सौरभ तिवारी आदि ने बताया कि तेज धूप से पहले की काफी नुकसान हो चुका है अगर एक दो दिन में स्थिति में बदलाव न हुआ तो बुआई का खर्च भी नहीं निकलेगा।

किसान चरन सिंह का कहना है कि पिछले कई सालों से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को उम्मीद थी कि शायद इस बार उनका आर्थिक संकट दूर हो जाएगा, लेकिन अब उन्हें बुआई का खर्च निकालने के भी लाले पड़े है।

किसान महावली परिहार कहते हैं कि पिछले तीन दशकों में कभी ऐसी नहीं हुआ कि बिना कोहरे के सर्दी निकल गई हो। खास कर जनवरी माह में कोहरा न पड़ा हो, लेकिन इस बार सर्दी ने एक अलग ही रूप दिखाया था और अब तक कोहरा देखने को भी नहीं मिला।
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