उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर एक के बाद एक हुए बम विस्फोट में शामिल आरोपियों के खिलाफ मुकदमा वापस लेने के अखिलेश सरकार के फैसले को झटका लगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार के इस फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। और मामला बड़ी खंडपीठ के समक्ष भेज दिया है।
इस फैसले पर अखिलेश यादव ने कहा कि हाईकोर्ट ने जो भी निर्णय दिया है उसका सम्मान किया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'मैंने अभी कोर्ट के फैसले को नहीं देखा है। फैसले के पूरी तरह अध्ययन के बाद ही सरकार आगे निर्णय लेगी।'
साथ ही मुख्यमंत्री ये भी कहा कि सरकार की जो जिम्मेदारी थी और जो घोषणापत्र में कहा गया था उसे लगभग पूरा किया गया है।
सपा सरकार ने 2007 में लखनऊ, फैजाबाद और वाराणसी में हुए श्रृंखलाबद्ध बम
विस्फोट में शामिल 16 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की घोषणा की थी।
इस पर कोर्ट ने यूपी सरकार से इस निर्णय के कानूनी पहलुओं पर जवाब तलब किया था।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में निर्दोष मुसलमान युवकों पर आतंकी हमले में शामिल होने के आरोपों को वापस लेने की बात कही थी।